प्रदेश की जनता पर नहीं लगेगा कोई नया टैक्स, वित्तमंत्री तरुण भनोत

प्रदेश की जनता पर नहीं लगेगा कोई नया टैक्स, वित्तमंत्री तरुण भनोत

जबलपुर।संदीप कुमार।

कमलनाथ सरकार अपना दूसरा बजट जल्द ही पेश करने वाली है।ऐसे में प्रदेश की जनता को आशा है कि इस वर्ष सरकार उन पर अलग से कोई टेक्स का बोझ न लादे।इधर मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोट ने भी जनता से साफ साफ शब्दों में कह दिया है कि इस बजट में प्रदेश की जनता पर कोई भी अतिरिक्त कर का बोझ नही पड़ेगा।उन्होंने ये भी कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति किसी से छिपी नही है केंद्र सरकार लगातार प्रदेश के साथ बजट को लेकर भेदभाव भी कर रही है।वित्त मंत्री की माने तो प्रदेश की आर्थिक स्थिति भले ही कितनी भी खराब हो पर मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश के सभी कैबिनेट मंत्रीयो की तरफ से जनता को विश्वास दिलाता हूँ कि प्रदेश की जनता पर किसी भी प्रकार का नया टेक्स नही लगाएंगे।

इधर सरकार के ऑडिट के रूप में फसे करीब 1700 करोड़ रु को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि जो लोग रु नही दे रहे है ये हमारा फर्ज बनता है कि हम उनसे अपना टेक्स का पैसा ले क्योकि यही पैसा प्रदेश के विकास कार्य,सुरक्षा से जुड़ी स्कीम,प्रदेश के नए कार्यो पर काम आता है। ये पैसा हमारा हक है जिसे हम लेंगे।वही जानबूझकर कर डिफाल्टर बने लोगों पर भी वित्त मंत्री ने सख्ती बरती है।तरुण भनोट ने कहा कि जो सब कुछ जानते हुए भी सरकार का करोड़ो रु दबाये बैठे है उन पर भी हम कार्यवाही करने का मूड बना रहे है और जल्द ही ऐसे लोगो से कर का सारा पैसा वसूला जाएगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews