जबलपुर की सीमा में घूम रहे दो हाथियों में से एक की मौत, दूसरा लापता

जबलपुर की सीमा में घूम रहे दो हाथियों में से एक की मौत, दूसरा लापता

जबलपुर, संदीप कुमार| उड़ीसा से छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य प्रदेश के मंडला और जबलपुर जिले की सीमा में घूम रहे दो हाथियों में से एक हाथी कि आज सुबह दर्दनाक मौत हो गई, मृत हाथी का शव मोहास गाँव से लगे जंगल में पाया गया, इधर मौत की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची जांच शुरू कर दी है।

जमीन में गड गए हाथी के दाँत 
ग्रामीणों को जैसे ही जानकारी मिली की पास के जंगल में एक मृत हाथी पड़ा हुआ है तो उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी, वहीं वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर जब जांच शुरू की तो पाया कि हाथी के दोनों दांत जमीन में गड़े हुए थे,और उसकी सूंड दबी थी,जानकारी के मुताबिक बीते कुछ दिनों से बरगी से लगें इलाके में घूम रहे दोनो जंगली हाथी रहवासी इलाके में आ जाने के चलते बेचैन होकर यहाँ वहाँ भटक रहे थे।

हाथी की मौत का आखिर कौन है दोषी
जंगली हाथी की अचनाक हुई मौत से वन्य प्राणी प्रेमियों में खास आक्रोश है,वन्य प्राणी प्रेमीयो की माने निश्चित रूप से हाथी की मौत के लिए वन विभाग दोषी है क्योंकि वह विभाग को जब पता था कि ये जंगली हाथी है और रहवासी इलाका पसन्द नही करते बावजूद इसके वन विभाग ने हाथियों की देखरेख में लापरवाही बरती।

पोस्टमार्टम के बाद होगा मौत का खुलासा
जबलपुर वन परीक्षेत्र अधिकारी अंजलि मार्को सहित वन विभाग का अमला मौके पर मौजूद है, फिलहाल मृत हाथी के शव के पोस्टमार्टम करने की तैयार में जुट गया है,अब पोस्टमार्टम जांच के बाद ही खुलासा हो सकेगा कि आखिर कैसे जंगली हाथी की मौत हुई है।

दूसरा हाथी भी लापता
एक जंगली हाथी की मौत हो गई है जबकि उसका दूसरा हाथी अभी कहां है यह जानकारी वन विभाग के पास नहीं है,आशंका यह भी जताई जा रही है कि कहीं दूसरे हाथी के साथ भी किसी तरह की अनहोनी घटना न घटी हो,बहरहाल वन विभाग की एक बड़ी लापरवाही के चलते आज जहां एक जंगली हाथी की मौत हो गई तो वही दूसरा हाथी लापता हो गया है।

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निदेशक और संपादक

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