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सड़ रही करोड़ों रुपए की धान, ओपन कैंप में नहीं सुरक्षा के इंतजाम

Written by:Kashish Trivedi
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सड़ रही करोड़ों रुपए की धान, ओपन कैंप में नहीं सुरक्षा के इंतजाम

जबलपुर, संदीप कुमार। प्रदेश सरकार अन्नदाता (farmers) के एक-एक दाने को खरीदने का दावा तो करती है लेकिन इसके रखरखाव और भंडारण में कितनी बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। इसका जीता जागता नमूना है। सिहोरा तहसील कि गोसलपुर क्षेत्र में बना ओपन कैप (open camp)। जहां रखी धान के सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नहीं होने के कारण करोड़ों रुपए की धान (grains) या तो सड़ चुकी है या फिर जानबूझकर सड़ाई जा रही है। वहीं दूसरी तरफ विभागीय अधिकारी (departmental officer) इस पूरे मामले से अनजान बने हुए हैं।

जानकारी के मुताबिक गोसलपुर के पास शासन द्वारा खरीदी जाने वाले धान के भंडारण के लिए करीब 25 एकड़ में ओपन के बनवाया गया था। इस ओपन कैप में 2018-19, 2019-20 और 2020-21 में सिहोरा के अलावा मझौली तहसील की समितियों द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान को भंडारित किया गया। ओपन कैप में भंडारित धान के सुरक्षित भंडारण को लेकर हद दर्जे की लापरवाही बरती गई। जिसके कारण यहां रखी धान की हजारों बोरियां पूरी तरह सड़ गईं। ओपन कैप में हालात यह है कि कैप में रखी करीब धान की बोरियां पूरी तरह खराब हो गई है और उसके अंदर रखी थान भी।

4 स्टेक की धान हुई बर्बाद 

ओपन कैप के 4 स्टैक (एक स्टैक में 3024 बोरी) करीब एक हजार बोरी में रखी धान पूरी तरह बर्बाद हो गई है। धान हालत यह है कि बारिश में भीगने से यह पूरी धान काली पड़ गई है। इसके साथ ही 5 स्टेक खुले आसमान के पड़े है ऐसे में इसके खराब होने की आशंका बढ़ गई है। ऐसा नहीं है कि धान के भंडारण के लिए यहां तिरपाल और दूसरी व्यवस्था नहीं थी। इसके बावजूद धान को जानबूझकर जिम्मेदारों ने सड़ा दिया।

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पिछले वर्ष भी खराब हुई थी छह हजार क्विंटल धान

गत वर्ष भी शासन से उपार्जित लगभग 6 हजार क्विंटल धान (शासकीय रिकॉर्ड के मुताबिक) सड़कर खराब हो गई थी। जिसे शराब कंपनी को ओन पोन दाम में बेच दिया गया था। कुछ इसी तरह की पुनरावृत्ति इस वर्ष कर शासन को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक ओपन कैप में रखी करीब 10 लाख की धान सड़ गई है।

भंडारण नीति का नहीं हो रहा पालन

जानकारी के मुताबिक ओपन कैप में किसी भी उपज के भंडारण के 6 माह के अंदर उसका उसका उठाव हो जाना चाहिए, लेकिन गोसलपुर ओपन कैप में करीब 3 साल पहले खरीदी गई धान अभी भी रखी हुई है। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश है की मिलिंग के लिए सबसे पहले ओपन कैप में रखी हुई धान का उठाव किया जाए।

181 स्टेक में रखी है 200000 क्विंटल से अधिक धान

जानकारी के मुताबिक गोसलपुर ओपन कैप में 181 स्टेक हैं जिसमें 200000 क्विंटल से अधिक धान रखी है। इसमें 153 नए और 28 पुराने स्टेक शामिल है।

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