नगर निगम का भोजन बांट रहे पार्षद पति, सोशल डिस्टेंस की खुलेआम अवहेलना

नगर निगम का भोजन बांट रहे पार्षद पति, सोशल डिस्टेंस की खुलेआम अवहेलना

जबलपुर/संदीप कुमार

कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने हेतु सोशल डिस्टेन्स बनाये रखना सबसे ज्यादा जरूरी है जिसे लेकर जिला प्रशासन लगातार लोगो से आग्रह भी कर रहा है पर कुछ लोग जिले में ऐसे भी है जो कि खुले आम सोशल डिस्टेन्स की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

पार्षद पति निगम कर्मचारियों के साथ  कर रहे भोजन वितरण, सोशल डिस्टेंस की खुलेआम अवहेलना
रांझी शहीद भगत सिंह वार्ड की पूर्व पार्षद सोना चौधरी के पति निगम कर्मचारी ओमकार श्रीपाल के साथ लोगों को खाना बांट रहे है। पर उनके द्वारा खाना बांटने के दौरान सोशल डिस्टेन्स की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। न ही लोग मास्क लगाए हुए थे और न ही सोशल डिस्टेन्स का पालन हो रहा है था और लोग भीड़ लगाकर खाना ले रहे थे।

निगम का भोजन पार्षद पति क्यों बांट रहे, बड़ा सवाल
जबलपुर नगर निगम रोजाना उन बस्तियों को चिन्हित कर खाना बाट रहा है जहाँ मजदूर वर्ग या गरीब बस्ती है। ही में शहीद भगत सिंह वार्ड में निगम के द्वारा खाना बाटा गया पर यहाँ पर निगमकर्मी ओमकार श्रीपाल नही बल्कि पार्षद पति अपने हाथों से खाना बांट रहे है, वो भी बिना सोशल डिस्टेन्स का पालन किये हुए।

कलेक्टर ने दिये जाँच के निर्देश
इस वीडियो को देखकर अब कलेक्टर भरत यादव ने भी माना है कि लाख समझाइश के बाद भी लोग सोशल डिस्टेन्स का पालन नही कर रहे हैं, जिसको लेकर लोगों को हर तरह से समझाया जा चुका है। लेकिन अब समय आ गया है कि ऐसे लोगो के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए जो कि सोशल डिस्टेन्स का पालन नही कर रहे है। साथ ही वो निगमकर्मी भी इसके लिए जिम्मेदार है जो कि जानबूझकर लापरवाही बरतने पर सहयोग भी कर रहा है और कलेक्टर ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिये हैं।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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