शातिर बदमाश की हत्या करने में शामिल पुलिस ने दो नाबालिगों सहित चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

शातिर बदमाश की हत्या करने में शामिल पुलिस ने दो नाबालिगों सहित चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

जबलपुर, संदीप कुमार

शातिर अपराधी निखिल की हत्या के बाद से इलाके के लोग खुशी मना रहे थे पर जिन्होंने भी निखिल की हत्या की थी आखिर थे तो वह हत्यारे। लिहाजा इन हत्यारों की लगातार तलाश कर रही गोरखपुर थाना पुलिस को आज सफलता मिली है, निखिल की हत्या करने में शामिल पुलिस ने दो नाबालिगों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, आरोपियों ने लाठी डंडे से पीट-पीटकर निखिल की हत्या की थी।

पड़ोस में रस्सी बम फोड़ने पर हुआ था निखिल से आरोपियों का विवाद

दर्शल मृतक निखिल जो कि आदतन अपराधी था, उसके खिलाफ जबलपुर के कई थानों में लूट,अवैध वसूली, मारपीट और आर्म्स एक्ट के कई मामले भी दर्ज थे। मोहल्ले में निखिल का इतना खौफ था कि उसके खिलाफ किसी के बोलने की हिम्मत भी नहीं होती थी। 6 अगस्त की रात निखिल अपने मोहल्ले में रस्सी बम फोड़कर लोगों को परेशान कर रहा था, इतना ही नहीं जब कुछ लोगों ने उसे मना किया तो उनके साथ निखिल ने गाली-गलौज और मारपीट कर दी।

निखिल के द्वारा लगातार रस्सी बम फोड़ने को लेकर पड़ोस के चार लड़के जिन्होंने की हाथ में लाठी डंडे और पाइप लिए थे, उनसे निखिल का विवाद हो गया। विवाद के बाद चारो ने निखिल की जमकर पिटाई कर दी, इस वारदात में निखिल गंभीर रूप से घायल हो गया, इधर घटना के बाद अंशुल नामदेव, अजय चौधरी एवं अन्य दो नाबालिक लड़के मौके से फरार हो गए। विवाद के कुछ घंटे बाद मृतक निखिल के परिवार जन मौके पर पहुंचे और उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया। जहां अगले दिन दोपहर को उसकी मौत हो गई।

गोरखपुर थाना पुलिस ने इस पूरे मामले में हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी और आखिर आज पुलिस को चारों आरोपियों को पकड़ने में कामयाबी मिली। बता दें कि मृतक निखिल जो कि एक शातिर अपराधी था उसका मोहल्ले में तमाम लोगों से विवाद भी होता रहता था, यही वजह है कि अब जबकि निखिल की मौत हो गई है तो पूरा मोहल्ला खुश है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews