अनलॉक-2 में दी छूटें और प्रतिबंध अब 5 अगस्त तक रहेंगे प्रभावी

अनलॉक-2 में दी छूटें और प्रतिबंध अब 5 अगस्त तक रहेंगे प्रभावी

जबलपुर, संदीप कुमार
जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर भरत यादव द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की दृष्टि से 30 जून को जारी आदेश में संशोधन कर अनलॉक-2 के तहत दी गई छूटों एवं प्रतिबन्धों की अवधि को 31 जुलाई से बढ़ाकर अब 5 अगस्त कर दिया गया है। संशोधित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अनलॉक -2 के तहत दी गई छूटों को शुक्रवार 31 जुलाई की शाम 7 बजे से 3 अगस्त सोमवार को प्रात: 5 बजे तक दिया गया विराम यथावत प्रभावशील रहेगा।

जिला दण्डारधिकारी एवं कलेक्टर भरत यादव ने अनलॉक-2 के तहत 31 जुलाई तक दी जाने वाली छूटों एवं प्रतिबंधों के बारे में विस्तृत आदेश जारी किया था । अब ये छूटें व प्रतिबंध 5 अगस्त तक प्रभावी रहेंगी। जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक जिले के सभी कंटेनमेंट जोन में 31 जुलाई तक लगाया गया लॉकडाउन अब पांच अगस्त तक जारी रहेगा। सिनेमा हाल, जिम्नेजियम स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, मदिरालय (बार), आडिटोरियम, असेम्बली हॉल तथा इसी प्रकार के अन्य संस्थाान भी पांच अगस्त तक बंद रहेंगे। सामाजिक, राजनैतिक, खेलकूद, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, समारोह तथा अन्य बड़े समोराह का आयोजन भी नहीं किया जा सकेगा।

आदेश के मुताबिक पांच अगस्त तक प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रि कालीन कर्फ्यू भी लागू रहेगा तथा दुकानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 5 अगस्त तक रात 7.30 बजे तक बन्द करना होगा । आवश्यक गतिविधियों, जिसमें एकाधिक शिफ्टों में औद्योगिक ईकाईयों का प्रचालन, राष्ट्रीय और राज्य मार्ग पर लोगों और सामानों की आवाजाही, मार्गों की लोडिंग और अनलोडिंग तथा बस-रेल और वायुयान से उतरने के बाद लोगों को गतव्यो तक जाने की रात्रि कालीन कर्फ्यू के दौरान अनुमति रहेगी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews