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जमीन के सीमांकन के लिए राजस्व निरीक्षक ने व्यापारी से ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Atul Saxena
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राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी एक व्यापारी से जमीन का सीमांकन के लिए एक लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा था। करीब दो माह से व्यापारी से चक्कर कटवा रहा था, पर बिना पैसे लिए वह काम करने को तैयार नहीं था।
जमीन के सीमांकन के लिए राजस्व निरीक्षक ने व्यापारी से ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

Lokayukta police Jabalpur arrested revenue inspector accepting bribe

जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने राजस्व विभाग में पदस्थ निरीक्षक को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए मंगलवार की सुबह रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। राजस्व निरीक्षक एक व्यापारी से उसकी जमीन का सीमांकन करने के बदले रिश्वत मांग रहा था, लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी राजस्व निरीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला पंजीबद्ध कर लिया है।

लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर से मिली जानकारी के मुताबिक जबलपुर निवासी व्यापारी रोहित जैन ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ग्राम क्लोन तहसील शहपुरा में मटर प्लांट के लिए जमीन खरीदी थी, जिसका नामाकंन हो चुका था, पर सीमांकन होना बाकी था। इसके लिए रोहित जैन ने शहपुरा में पदस्थ राजस्व निरीक्षक करण सिंह से संपर्क किया, उन्होंने सारे दस्तावेज मांगे, और देखने के बाद कुछ खामियां निकाली, जिसे व्यापारी ने पूरा कर दिया, इसके बाद करण सिंह के द्रारा 1 लाख रुपए की मांग की गई।

जमीन सीमांकन के लिए 1 लाख रुपये की मांग 

रोहित जैन का कहना था कि सीमांकन के लिए जितनी बार करण सिंह से मुलाकात की, उन्होंने हर बार कोई ना कोई बहाना बना दिया। सोमवार को रोहित जैन ने लोकायुक्त एसपी को लिखित में शिकायत दी, जिसका सत्यापन करवाने के बाद पाया गया कि करण सिंह रुपए के लिए परेशान कर रहा है। रोहित का कहना था कि रिश्वत के रुपए कम करने को तैयार नहीं था।

80 हजार रुपये रिश्वत लेते राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार 

रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण मिलने के बाद पुलिस ने ट्रैप प्लान किया, राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी ने रिश्वत की राशि देने के लिए अपने घर बुलाया,  मंगलवार को रतन कालोनी जबलपुर स्थित करण सिंह लोधी ने जब रोहित जैन से रिश्वत की राशि 80 हजार रुपये ली, उसी दौरान लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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