बढ़ते अपराध और कार्रवाई में देरी से एसपी नाराज, 26 थाना प्रभारियों की दी निंदा की सजा, जानें क्या होगा असर

जिन थाना प्रभारियों को एसपी ने निंदा की सजा सुनाई है वो उनके सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज की जाएगी, जिसका असर उनकी सीआर पर भी पड़ेगा, और प्रमोशन में भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
Jabalpur SP

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जबलपुर में थाना क्षेत्र में बढ़ रहे अपराध और फिर कार्रवाई करने में देरी से नाराज होकर जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने जिले के 26 थाना प्रभारियों को सजा दी है। एसपी ने सभी को निंदा की सजा सुनाई है, जिसके चलते आने वाले समय में जब थाना प्रभारी का प्रमोशन होगा तब इसका खामियाजा उन्हें उठाना पड़ेगा। एसपी की कार्रवाई से थाना प्रभारी का सीआर भी खराब होगा क्योंकि थाना प्रभारी के सर्विस रिकॉर्ड में यह सजा दर्ज की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक हाल ही में कंट्रोल रूम में हुई अपराध की समीक्षा बैठक में एसपी ने 1 जनवरी 2025 से लेकर 15 फरवरी 2025 के बीच होने वाली प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों की जानकारी थाना प्रभारियों से ली थी, इसके साथ ही लघु अधिनियम के तहत कार्रवाई के आंकड़ों की समीक्षा 1 जनवरी 2026 से 15 फरवरी 2026 तक के समय अवधि से भी हुई थी। समीक्षा में यह भी सामने आई है कि 26 थाना प्रभारियों ने पिछले साल की तुलना में इस वर्ष कार्रवाई कम की है।

शहरी क्षेत्र में इन थाना प्रभारियों पर एक्शन 

जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने शहर के लार्डगंज थाना प्रभारी नवल आर्य के अलावा गोहलपुर टीआई रितेश पांडे, गौरीघाट टीआई हरकिशन आठनेरे, कैंट थाना प्रभारी पुष्पेंद्र पटले, विजयनगर टीआई राजेंद्र मास्कोले, बेलबाग टीआई जितेंद्र पाटकर, गोरा बाजार टीआई संजीव त्रिपाठी, वीरेंद्र सिंह पवार एवं पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार को निंदा की सजा सुनाई है।

ग्रामीण क्षेत्र में ये थाना प्रभारी एसपी के निशाने पर 

एसपी ने ग्रामीण के बरेला थाना प्रभारी अनिल पटेल के अलावा भेड़ाघाट टीआई कमलेश चौरया, चरगवा टीआई अभिषेक प्यासी, पाटन टीआई गोपेंद्र सिंह राजपूत, कटंगी टीआई पूजा उपाध्याय, शहपुरा प्रवीण धुर्वे, बेलखेड़ा टीआई लवकेश उपाध्याय, खितौला टीआई रमन सिंह मरकाम, मंझोली टीआई नेहरू सिंह खंडाते, मझगवां टीआई हरदयाल सिंह एवं गोसलपुर टीआई गाजीवती पोषम व सिहोरा से बीते दिनों हटाए गए टीआई विपिन बिहारी को भी निंदा की सजा दी गई है। बरगी थाने प्रभारी निलेश दोहरे को चेतावनी की सजा दी गई।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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