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सील की गई पानी पाउच फैक्ट्री चोरी से चल रही थी, खाद्य विभाग का छापा, मशीन सील

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Atul Saxena
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खाद्य अधिकारी का कहना है कि खुले आसमान नें हाई रिस्क से पानी के पाउच तैयार करना और फिर उसे बाजार में बेचना गंभीर अपराध है।
सील की गई पानी पाउच फैक्ट्री चोरी से चल रही थी, खाद्य विभाग का छापा, मशीन सील

Jabalpur water pouch factory raided

जबलपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिहोरा जिला कोर्ट के पीछे संचालित हो रही पानी की फैक्ट्री पर छापा मारते हुए बड़ी संख्या में ना सिर्फ पानी के पाउच जब्त किए है, बल्कि उस मशीन को भी सील कर दिया है, जिससे पाउच में पानी भरा जा रहा था। खाद्य सुरक्षा विभाग ने फैक्ट्री के संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की है। बता दे कि स्थानीय लोगों की शिकायत पर टीम ने छापा मारा है।

दरअसल जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे को आज सुबह जानकारी मिली कि सिविल कोर्ट के पास मयंक त्रिपाठी दो मंजिला मकान पर पानी के पाउच की फैक्ट्री चला रहा है। दो माह पहले मौके पर गंदगी और भारतीय खाद्य सरंक्षण मानक प्राधिकरण की गाइडलाइन पर खरा नहीं उतरने पर बंद कर दिया था, उसके बाद भी यह चोरी छिपे फैक्ट्री को खोलकर काम कर रहा था।

खुले आसमान नें हाई रिस्क में तैयार हो रहे थे पानी पाउच 

खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर जाकर देखा तो ऊपर आरओ की मशीन लगी हुई थी, जबकि नीचे आंगन में पानी के पाउच पैक किए जा रहे थे, जहां पर गंदगी पसरी हुई थी। खाद्य अधिकारी का कहना है कि खुले आसमान नें हाई रिस्क से पानी के पाउच तैयार करना और फिर उसे बाजार में बेचना गंभीर अपराध है। यही वजह है कि पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई की और मशीन को सील कर दिया।

रात को या फिर छुट्टी वाले दिन फैक्ट्री खोलकर पानी के तैयार किए जाते थे पाउच

खाद्य सुरक्षा अधिकारी का कहना है कि जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपी मंयक त्रिपाठी ने रीवा के एक शख्स से पानी पाउच का प्लास्टिक रोल खरीदकर लाया था। उन्होंने बताया कि मंयक 1 साल से फैक्ट्री संचालित कर रहा है। दो माह पहले ही खाद्य विभाग ने रजिस्टेशन केंसिल कर दिया था, जिसके बाद से अक्सर रात को या फिर छुट्टी वाले दिन फैक्ट्री खोलकर पानी के पाउच तैयार किए जाते थे। कार्रवाई के दौरान जिला खाद्य अधिकारी देवेंद्र दुबे के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, संजय गुप्ता भी मौजूद रहे।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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