सिवनी हवाला लूट कांड: DSP, पुलिस आरक्षक सहित चार गिरफ्तार, 2.96 करोड़ रुपये की बंदरबांट का मामला

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जबलपुर क्राइम ब्रांच और सिवनी पुलिस टीम संयुक्त रूप से इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। शुरूआती जाँच में हवाला रैकेट का नेटवर्क पता किया जा रहा है।
Narsinghpur Police’s

Narsinghpur Police’s innovative road safety

सिवनी हवाला लूटकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है, पुलिस ने घटना की बड़ी कड़ी DSP पंकज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है, इसके अलावा पुलिस ने एक आरक्षक और दो हवाला कारोबारियों को भी गिरफ्तार किया है,  बता दें, हवाला के 2.96 करोड़ रुपये लूटकांड में पुलिस अधिकारियों की भूमिका के बाद से विभाग के कई अफसर निशाने पर हैं और जाँच में एक एक कर कड़ियाँ जुड़ रहीं है।

गौरतलब है कि जबलपुर क्राइम ब्रांच और सिवनी पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए बालाघाट के हॉक फोर्स में पदस्थ डीएसपी पंकज मिश्रा, जबलपुर क्राइम ब्रांच में तैनात प्रधान आरक्षक प्रमोद सोनी और हवाला कारोबारी पंजू गोस्वामी एवं वीरेंद्र दीक्षित को गिरफ्तार किया है। पुलिस इस लूटकांड में प्रमुख रूप से शामिल तत्कालीन सिवनी SDOP पूजा पांडे के बहनोई की भी घेराबंदी कर रही है, पूजा इस समय जेल में बंद हैं।

DSP मिश्रा सहित चार गिरफ्तार 

जानकारी के मुताबिक जबलपुर क्राइम ब्रांच ने बीती रात पहले प्रधान आरक्षक प्रमोद सोनी व पंजू गोस्वामी, वीरेंद्र दीक्षित को गिरफ्तार कर सिवनी भेजा, सिवनी पुलिस टीम ने बालाघाट हॉक फोर्स में पदस्थ डीएसपी पंकज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। क्राइम ब्रांच ने आरोपियों को चार दिन के रिमांड पर लिया है।

पुलिस इन बिन्दुओं पर कर रही जांच

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जबलपुर क्राइम ब्रांच और सिवनी पुलिस टीम संयुक्त रूप से इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। शुरूआती जाँच में हवाला रैकेट का नेटवर्क पता किया जा रहा है, मसलन लूटी गई रकम से  किन लोगों के/अफसरों के तार जुड़े हैं, रकम का हिसाब-किताब कैसे हुआ? 2.96 करोड़ रुपये में से किसे कितने मिलेंगे यानि  बंदरबांट किसने और कैसे तय की  गई इस तथ्यों की जांच की जा रही है।

अभी और गिरफ्तारियां संभव, बढ़ सकती हैं FIR में धाराएँ 

पुलिस ने कहा है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है, वरिष्ठ अधिकारी इसपर नजर बनाये हुए हैं, इसमें अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, गिरफ़्तारी के बाद प्रासंगिक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एफआई आर  में वित्तीय अपराध और सांठगांठ से जुड़ी धाराओं को भी जोड़ा सकता है।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews