जबलपुर जिला अस्पताल से कोरोना का संदिग्ध मरीज फरार, मचा हड़कंप

जबलपुर जिला अस्पताल से कोरोना का संदिग्ध मरीज फरार, मचा हड़कंप

जबलपपुर/संदीप कुमार। जिला अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस पीड़ित संदिग्ध मरीज सोमवार रात आइसोलेशन वार्ड से बिना किसी को बताए भाग गया। मरीज के भागने की जानकारी जैसे ही अस्पताल प्रबंधन को लगी वैसे ही पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी और करीब 1 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आखिरकार कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज को ढूंढ निकाला।

अपने मालिक मुकेश अग्रवाल के सपंर्क में था संदिग्ध मरीज
युवक सुहागन आभूषण में काम करता था और अपने मालिक मुकेश अग्रवाल के संपर्क में रहने के चलते उसे जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। सोमवार रात जब डॉक्टर आइसोलेशन वार्ड में राउंड के लिए पहुंचे तो संदिग्ध युवक उन्हें बेड पर नहीं मिला जिसके बाद समूचे जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनीष मिश्रा को इसकी सूचना दी गई लेकिन उन्होंने भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

स्वास्थ्य विभाग की सूचना के बाद पुलिस ने युवक को खोज निकाला
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों ने संजीवनी नगर थाना पुलिस से युवक के विषय में संपर्क किया। युवक चूँकि संजीवनी नगर में रहता था इसलिए कयास लगाए जा रहे थे कि वह अपने घर चला गया है। इधर संजीवनी नगर थाना पुलिस युवक को तलाश करते हुए उसके घर पहुंची जहां वह अपने परिवार जनों के साथ मौजूद था। इसके बाद पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को युवक के विषय मे सूचना दी और फिर वहां पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवक को एक बार फिर जिला अस्पताल स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर
इस पूरे घटनाक्रम में स्वास्थ्य विभाग की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है क्योंकि इतने गंभीर आइसोलेशन वार्ड में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी को जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने तैनात नहीं किया है, यही वजह है कि अस्पताल से मरीजो के भागने की घटनाएं आए दिन सामने आ रही है।

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