तीर्थ दर्शन योजना पर गरमाई सियासत

तीर्थ दर्शन योजना पर गरमाई सियासत

संदीप कुमार/जबलपुर। बुजुर्गों को तीर्थ कराने के लिए शिवराज सरकार  द्वारा शुरू की गई तीर्थ दर्शन योजना को लेकर सियासत गर्मा गई है। इसमें शासन के खर्च पर बुज़ुर्गों को तीर्थ कराया जाता है लेकिन यह योजना अब संस्कृति मंत्री डॉ गोविंद सिंह को रास नही आ रही है। हाल ही में उन्होने इसे फिजूलखर्जी करार देते हुए बंद करने की बात कही थी और उनके इस बयान जहां विपक्ष उन्हें घेरने में लगा है वहीं अन्य विभागों के मंत्री भी अलग अलग तरह के बयान दे रहे हैं।

मध्यप्रदेश के पर्यटन मंत्री सुरेंद्र सिंह का कहना है कि इस विषय में मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी। और जहां तक योजना को लेकर कोई निर्णय लेने की बात है को इसपर विभागीय मंत्री ही बेहतर बता सकते हैं। वही जनसंपर्क मंत्री सहित ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह,पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल ने इस मामले पर डॉ गोविंद सिंह का बचाव किया है लेकिन महिला बाल विकास मंत्री इमारती देवी का कहना है कि तीर्थ दर्शन योजना अच्छी योजना है जिसे बंद नहीं किया जाना चाहिये। उन्होंने ये भी कहा की गरीब तबके के वो लोग जिनकी आर्थिक स्थिति उन्हें अपने बुज़ुर्गों को तीर्थ पर भेजने की इजाज़त नहीं देती, उनके लिये ये योजना बेहद हितकारी है।

दरअसल, सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह ने तीर्थ दर्शन योजना को फालतू की योजना बताते हुए तीर्थ स्थल जाने वालों के श्रद्धा भाव पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि लोग सरकारी योजना में सिर्फ भक्ति भाव से नहीं बल्कि घूमने के मकसद से तीर्थ स्थलों पर जाते हैं। योजना को खत्म कर दिया जाना चाहिए क्योंकि धार्मिक यात्राएं कराना सरकार का काम नहीं है। श्रद्धालुओं को सुविधाएं देना, उनकी मदद करना ठीक है लेकिन सरकारी धन के लिए तीर्थ यात्राओं का आयोजन मेरे अनुसार सही नहीं है। वही सहकारिता मंत्री ने लोगों को सलाह दी है कि मेहनत कर खुद के पैसे से भगवान के दर पर जाएंगे तो उनके जीवन में खुशहाली आएगी। लोग बिना श्रद्धा के तीर्थ स्थलों पर तफरी करने जाते हैं और ऐसी योजनाएं विकास के बजाय सिर्फ वोटरों को लुभाने के लिए शुरू की गई हैं। अब उन्हें बंद किया जाना चाहिए। तीर्थयात्रा का संचालन खुद से कमाए हुए पैसे पर करना चाहिए। इससे जो धनराशि बचती है, उसका बेहतर उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य क्षेत्रों में राज्य के सभी लोगों की बेहतरी के लिए किया जा सकता है।

शिवराज का पलटवार
मंत्री के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार किया है। उन्होने कहा कि बुजुर्गों को तीर्थयात्रा करवाना पवित्र कार्य है। लेकिन सरकार ऐसे पवित्र कामों को बंद करवा रही है। इन दिनों सरकार हर अच्छे काम को बंद कर रही है। कांग्रेस सरकार क्या भावनाओं को समझेगी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews