मिसाल बने टीआई , 22 मार्च से जरूरतमंदों को दे रहे भोजन,अब नंगे पैरों को चप्पलें भी बांटी

मिसाल बने टीआई , 22 मार्च से जरूरतमंदों को दे रहे भोजन,अब नंगे पैरों को चप्पलें भी बांटी

जबलपुर/संदीप कुमार

कोरोना वायरस (corona) संक्रमण में लगे लॉकडाउन के बीच परेशान भिखारियों और मजदूरों के लिए जबलपुर में पदस्थ एक थानेदार मसीहा साबित हो रहे हैं। बीते 22 मार्च से ये टीआई (TI) स्वयं के वहन से गरीब मजदूर और भिखारियों को खाना खिला रहे है। थानेदार का नाम है संदीप आयाची जो कि वर्तमान में मदनमहल थाने में पदस्थ है।

भोजन के साथ नंगे पैरों के लिये भेंट की चप्पलें

मदन महल थाना प्रभारी संदीप आयाजी कोरोना वायरस के बीच लगे लॉकडाउन में 22 मार्च से रोजाना सुबह और शाम को मजदूर और भिखारियों को भोजन (food) करवा रहे हैं। लेकिन मंगलवार को भोजन के साथ साथ थानेदार से ये गरीब अपने नंगे पैरों के लिए चप्पल (footwear) पाकर खुश हो गए। थाना प्रभारी संदीप आयाची ने करीब 70 से ज्यादा भिखारियों और मजदूरों को चप्पलें बांटी।

तपती धरती में जरूरी है चप्पलें

जबलपुर में लगे लॉक डाउन को तकरीबन दो माह होने को है, ऐसे में तपती धरती में कई लोग नंगे पैर चलने को मजबूर हैं। मदनमहल स्टेशन से लगे इलाके में बहुत से मजदूर और भिखारी ऐसे है जिनके पैरों में चप्पलें नही है और वो तपती सड़क पर चलने को मजबूर है तब ऐसे मजदूरों के लिए थाना प्रभारी संदीप आयाची ने व्यवस्था की।

चप्पल पाकर खुश हुए मजदूर और भिखारी

रोजाना की तरह दरोगा जी संदीप आयाची खाना बाटेंगे ये सोचकर पहले से ही थाने के बाहर लोगो की भीड़ लग गई। पर आज भोजन के साथ साथ इन मज़दूर और भिखारियों के लिए एक और तोहफा भी था।जैसे ही गरीबों ने अपने लिए ये तोहफा देखा उनके चेहरे खिल गए।थाना प्रभारी ने बाकायदा सोशल डिस्टेन्स का पालन करते हुए मजदूरों को खाना भी खिलाया साथ मे चप्पलें भी बांटी।

गरीबों को नंगे पैर चलते देखा तो ठान लिया कि चप्पलें बाटेंगे
थाना प्रभारी संदीप आयाची ने बताया कि बीते 45 दिनों से शहर में लॉक डाउन लगा हुआ है और इस दौरान देखा गया कि भिखारी और मजदूर नंगे पैर चलने को मजबूर है तब ख्याल आया कि क्यों ना भोजन के अलावा इन मजबूर और बेबस गरीबों को चप्पल भी बाटी जाए जो की तपती धूप में नंगे पैर चलने को बेबस है।

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निदेशक और संपादक

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