जमशेदपुर में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यों को एक नई दिशा मिलने जा रही है। शहर के मरीन ड्राइव के पास ओडिया समाज की पहल पर 100 करोड़ रुपये की विशाल लागत से श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इस भव्य परियोजना का भूमि पूजन 26 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कर कमलों द्वारा संपन्न होगा।
यह केंद्र 2.8 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा और इसका मुख्य उद्देश्य भगवान जगन्नाथ पर आधारित अध्ययन और शोध को वैश्विक स्तर पर एक मंच प्रदान करना है। इसके निर्माण के बाद यह न केवल एक धार्मिक स्थल होगा, बल्कि देश-विदेश के शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी उभरेगा।
राष्ट्रपति का दो घंटे का जमशेदपुर दौरा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भूमि पूजन समारोह में शामिल होने के लिए सेना के विशेष विमान से पहले रांची पहुंचेंगी। वहां से वे सुबह करीब 11 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा जमशेदपुर के लिए रवाना होंगी। कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति जमशेदपुर में लगभग दो घंटे रहेंगी। भूमि पूजन का पूरा अनुष्ठान विधि-विधान के साथ संपन्न कराने के लिए ओडिशा के श्री जगन्नाथ पुरी से विशेष पुरोहितों को आमंत्रित किया गया है। उनकी सहायता के लिए बोकारो और स्थानीय पुजारी भी मौजूद रहेंगे।
कैसा होगा श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल सेंटर?
इस केंद्र को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जहाँ आध्यात्म और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिलेगा। परिसर में कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
- भव्य जगन्नाथ मंदिर: परिसर के केंद्र में भगवान जगन्नाथ का एक भव्य मंदिर बनाया जाएगा, जिसके बाद शहर की प्रसिद्ध रथ यात्रा यहीं से निकलेगी।
- शोध और अध्ययन: यहां एक आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम और शोध के लिए विशेष सुविधाएं होंगी, ताकि शोधार्थी भगवान जगन्नाथ से जुड़े विषयों पर गहन अध्ययन कर सकें।
- सामाजिक विकास: केंद्र में पिछड़े वर्ग के लोगों के बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
- अन्य सुविधाएं: इसके अलावा, एक मेडिटेशन केंद्र भी स्थापित किया जाएगा और परिसर में देश के विभिन्न जगन्नाथ मंदिरों की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी।
राज्यपाल रहते हुए मुर्मू ने दी थी जमीन को मंजूरी
इस परियोजना से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का एक विशेष जुड़ाव भी है। वर्ष 2019 में जब वे झारखंड की राज्यपाल थीं, तब साकची उत्कल एसोसिएशन की इस मांग पर उन्होंने ही इस केंद्र के लिए जमीन आवंटन का आदेश जारी किया था। गौरतलब है कि 58 दिनों के अंतराल में यह उनका दूसरा जमशेदपुर दौरा होगा। इससे पहले वे 29 दिसंबर 2023 को करनडीह जाहेरथान और एनआईटी परिसर में आयोजित एक समारोह में शामिल होने के लिए शहर आई थीं।





