रांची: झारखंड के प्रसिद्ध दलमा वन्यजीव अभ्यारण्य को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। राज्य सरकार ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दो बड़ी सौगातें दीं, जिसमें 30 ईको-फ्रेंडली कॉटेज का शिलान्यास और रोमांच से भरपूर जंगल सफारी का शुभारंभ शामिल है।
मंत्री सुदिव्य कुमार ने पूरे विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कर ईको कॉटेज परियोजना की आधारशिला रखी। इसके तुरंत बाद उन्होंने सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जंगल सफारी सेवा की औपचारिक शुरुआत की। इस कदम को दलमा को एक संगठित और आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की ‘अबुआ सरकार’ की प्रतिबद्धता का हिस्सा माना जा रहा है।
जंगल के रोमांच का सुरक्षित अनुभव
जंगल सफारी की शुरुआत के साथ ही पर्यटकों के लिए दलमा के घने जंगलों और वन्यजीवों को करीब से देखने का एक सुरक्षित और रोमांचक माध्यम उपलब्ध हो गया है। उद्घाटन के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार ने विभागीय अधिकारियों के साथ खुद सफारी वाहन में बैठकर अभ्यारण्य का भ्रमण किया। यह नई सुविधा दलमा की पहाड़ियों, हरियाली और समृद्ध जैव विविधता का अनुभव करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगी।
प्रकृति की गोद में आरामदायक प्रवास
दलमा आने वाले पर्यटकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती ठहरने की उचित व्यवस्था की कमी थी, जिसे अब 30 ईको कॉटेज के निर्माण से दूर किया जाएगा। इन कॉटेज के बन जाने से सैलानी प्रकृति के शांत वातावरण में रहकर दलमा के प्राकृतिक सौंदर्य का भरपूर आनंद ले सकेंगे। सरकार का लक्ष्य पर्यटकों को एक सुविधाजनक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल प्रवास का अनुभव प्रदान करना है।
“दलमा झारखंड की प्राकृतिक धरोहर का केंद्र है। इसे पर्यटन हब बनाने का हमारा संकल्प अब धरातल पर उतर रहा है। ईको कॉटेज और जंगल सफारी से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।”- सुदिव्य कुमार, मंत्री
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान घाटशिला के विधायक सोमेश सोरेन और ईचागढ़ की विधायक सविता महतो भी मौजूद रहीं, जिन्होंने इस पहल को क्षेत्र के विकास के लिए एक मील का पत्थर बताया। माना जा रहा है कि इन सुविधाओं के शुरू होने से दलमा में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।





