GATE 2026 पर दो बड़ी अपडेट: रजिस्ट्रेशन की तारीख आगे बढ़ी, एग्जाम शेड्यूल में भी होगा बदलाव

गेट 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि आईआईटी गुवाहाटी से आगे बढ़ा दी है। एग्जाम डेट में भी बदलाव हो सकता है। जिसकी जानकारी उम्मीदवारों को होनी चाहिए। आइए जानें कैसे और कब तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं?
GATE 2026

गेट 2026 को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। आवेदन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया गया है। अब उम्मीदवार 28 सितंबर 2025 तक बिना लेट फीस आवेदन कर सकते हैं । इससे लेट फीस के साथ रजिस्ट्रेशन के लिए लास्ट डेट 9 अक्टूबर 2025 है। परीक्षा के तारीख में भी बदलाव होने वाला है। इस बात की जानकारी आईआईटी गुवाहाटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी है।

8 फरवरी को गेट परीक्षा (GATE 2026) आयोजित नहीं की जाएगी। यह कदम यूपीएससी ईएसई परीक्षा से टकराने के कारण उठाया गया है। आईआईटी गुवाहाटी ने कहा, “गेट 2026 कमिटी इस बात से अवगत है कि गेट 2026 और यूपीएससी ईएसई परीक्षा 8 फरवरी को एक दूसरे से टकरा रही है। इसलिए गेट 2026 टेस्ट पेपर्स के शेड्यूलिंग के समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गेट पेपर्स का आयोजन 8 फरवरी को ना हो।” अब तक संशोधित शेड्यूल जारी नहीं हुआ है। अपडेट के लिए नियमित तौर पर आधिकारिक वेबसाइट gate2026.iitg.ac.in विजिट करते रहने की सलाह दी जाती है।

दो शिफ्टों में होगी परीक्षा

पिछले शेड्यूल के मुताबिक एग्जाम 7, 8, 14 और 15 फरवरी को आयोजित होने वाली थी। परीक्षा का आयोजन दो  शिफ्ट में होगा। पहले शिफ्ट सुबह 9:30 से लेकर दोपहर 12:00 बजे तक चलेगी। वहीं दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से लेकर 5:30 बजे तक चलने वाली है। परिणाम की घोषणा 19 मार्च 2026 को होगी। एडमिट कार्ड 2 जनवरी 2026 को उपलब्ध होंगे।  पेपर, एग्जामिनेशन सिटी और कैटेगरी में बदलाव की अंतिम तारीख 6 नवंबर 2025 होगी। स्कोरकार्ड 31 मई 2026 तक उपलब्ध होंगे। 500 रुपये लेट फीस के साथ उम्मीदवार 1 जून 2026 से लेकर 31 दिसंबर 2026 तक स्कोरकार्ड डाउनलोड कर पाएंगे।

एग्जाम का पैटर्न 

गेट 2026 परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में आयोजित की जाएगी। प्रश्न पत्र इंग्लिश मध्यम में उपलब्ध होंगे। इसकी अवधि 3 घंटे होगी। 30 टेस्ट पेपर इसमें शामिल होंगे। यह दो सेक्शन में बँटा होगा। जिसमें जनरल एप्टीट्यूड और उम्मीदवारों द्वारा चुना गया विषय शामिल होगा। 10 जनरल एप्टीट्यूड और 55 सब्जेक्ट आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्नों की संख्या कुल 65 होगी।  नेगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान भी होगा।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews