Sarkari Naukari: यूपीएससी ने निकाली 160 पदों पर भर्ती, 1 दिसंबर से पहले करें आवेदन, जानें आयु-पात्रता और नियम

APSC Recruitment

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC Recruitment) ने भर्ती के नए नोटिफिकेशन जारी कर दिए हैं। यदि आप सरकारी नौकरी की तलाश तो यह काफी सुनहरा मौका हो सकता है। कुल वैकेंसी की संख्या 160 है। सीनियर एग्रीकल्चरल इंजीनियर, असिस्टेंट डायरेक्टर, असिस्टेंट केमिस्ट, असिस्टेंट हाइड्रोजियोलॉजिस्ट, असिस्टेंट जियोलॉजिस्ट और लेक्चरर समेत कई अन्य पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार 1 दिसंबर 2022 तक आवेदन कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें…MP पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा परिणाम घोषित, 7500 अतिरिक्त पदों पर भी होगी भर्ती

वैकेंसी की संख्या

लेक्चरर के पद पर 9, सीनियर एग्रीकल्चर इंजीनियर के पद पर 7, ऐग्रिकल्चर इंजीनियर के पद पर एक, एग्रीकल्चर असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर 13, असिस्टेंट के पद पर एक लिस्ट के पद पर 21 असिस्टेंट हाइड्रोजियोलॉजिस्ट 70, जूनियर टाइम स्केल के पद पर 29, असिस्टेंट जियोलॉजिस्ट के पद पर 9,  लेक्चरर के पद पर 9, असिस्टेंट  जियोफिजिसिस्ट पर 11 वैकेंसी है।

योग्यता और आयु सीमा

विभिन्न पदों के लिए योग्यता और आयु सीमा भी अलग निर्धारित की गई है। मास्टर/डिप्लोमा/ग्रेजुएट की योग्यता वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। कुछ पदों पर आवेदन करने के लिए अनुभव की आवश्यकता भी होगी। असिस्टेंट जियोलॉजिस्ट, असिस्टेंट जियोफिजिस्ट, असिस्टेंट हाइड्रोजियोलॉजिस्ट, असिस्टेंट केमिस्ट और असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की आयु सीमा अधिकतम 30 साल है।

जूनियर टाइम स्केल और लेक्चरार पद पर आवेदन करने के लिए निर्धारित आयु सीमा अधिकतम 35 साल है। एग्रीकल्चर इंजीनियर के पद पर आवेदन करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 33 साल तय की गई है जूनियर इंजीनियर इंजीनियर के पद पर करने के लिए  निर्धारित आयु सीमा अधिकतम 40 साल है। योग्यता और आयु सीमा से जुड़ी जानकारी के लिए उम्मीदवार एक बार ऑफिशियल नोटिफिकेशन जरूर देखें। उम्मीदवार ऑनलाइन ऑफिशल वेबसाइट https://upsconline.nic.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews