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कर्नाटक में मचा सियासी भूचाल, क्या मुख्यमंत्री सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? डीके शिवकुमार बन सकते हैं CM?

Written by:Ankita Chourdia
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कर्नाटक में सियासी भूचाल की अटकलें तेज हो गई है। दरअसल मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस्तीफा दे सकते हैं, वहीं डीके शिवकुमार नए सीएम बन सकते हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो दिल्ली में आलाकमान संग लंबी बैठक के बाद बढ़ा सस्पेंस बन गया है।
कर्नाटक में मचा सियासी भूचाल, क्या मुख्यमंत्री सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? डीके शिवकुमार बन सकते हैं CM?

कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बड़े सियासी बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी आलाकमान उनकी जगह उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में है। ये अटकलें मंगलवार को दिल्ली में हुई एक लंबी बैठक के बाद शुरू हुई हैं।

वहीं इस मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी से मुलाकात की थी। यह बैठक लगभग छह घंटे तक चली। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि राहुल गांधी ने इस बैठक में सिद्धारमैया से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को कहा। उन्हें राज्यसभा भेजने और दिल्ली में बड़ी राष्ट्रीय भूमिका निभाने का प्रस्ताव भी दिया गया है।

सिद्धारमैया ने अपने मंत्रियों को नाश्ते पर बुलाया

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, कुछ समर्थकों से चर्चा करने के बाद सिद्धारमैया ने आलाकमान का फैसला मानने की बात कही है। इसी बीच, उन्होंने गुरुवार सुबह अपने मंत्रियों को नाश्ते पर बुलाया है। माना जा रहा है कि इसी दिन सिद्धारमैया अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। हालांकि, इन अटकलों के बीच पार्टी के संगठन महासचिव वेणुगोपाल ने इन खबरों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि ये सभी खबरें महज अटकलें हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है। वेणुगोपाल के मुताबिक, बैठक में केवल राज्यसभा और विधान परिषद (MLC) चुनावों पर चर्चा हुई थी।

सिद्धारमैया ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया था

दरअसल, कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर पिछले एक साल से खींचतान जारी है। डीके शिवकुमार के समर्थक लगातार दावा कर रहे हैं कि 2023 में केंद्रीय नेतृत्व ने ढाई-ढाई साल के सत्ता के बंटवारे का फॉर्मूला तय किया था। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती दौर में सिद्धारमैया ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को यह भी चेतावनी दी थी कि अगर उन्हें हटाया गया तो पार्टी टूट सकती है, क्योंकि 50-60 विधायक उनके साथ अलग हो जाएंगे। सिद्धारमैया ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वे डीके शिवकुमार के अधीन काम नहीं करेंगे।

कांग्रेस आलाकमान की नजर 2028 विधानसभा चुनाव पर

दरअसल कांग्रेस आलाकमान 2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी को नए सिरे से तैयार करना चाहता है। नेतृत्व इस बात से भी अवगत है कि अधिकतर विधायक सिद्धारमैया के साथ हैं और वे कांग्रेस के एकमात्र ओबीसी मुख्यमंत्री भी हैं। ऐसे में, पार्टी इस नेतृत्व परिवर्तन को बेहद सावधानी से अंजाम देना चाहती है, ताकि सिद्धारमैया का सम्मान बना रहे और किसी भी तरह की बगावत की स्थिति पैदा न हो। बिहार में भाजपा द्वारा अपनाए गए फॉर्मूले की तर्ज पर, सिद्धारमैया के बेटे को भी मंत्री पद देने का प्रस्ताव है। सिद्धारमैया ने इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए कुछ समय मांगा है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि वे इसी हफ्ते अपना इस्तीफा दे सकते हैं।

मंगलवार की बैठक में प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं और सूत्रों के मुताबिक, वे कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में थीं। कर्नाटक में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना है, तब तक सिद्धारमैया 80 साल के हो जाएंगे। पार्टी चेहरा बदलकर सत्ता-विरोधी भावना को भी थामना चाहती है। दिल्ली पहुंचने से पहले सिद्धारमैया ने सोमवार रात को कहा था कि उन्हें हाईकमान ने बुलाया है और उन्हें बैठक के एजेंडे की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया था कि वेणुगोपाल ने उन्हें फोन कर समय और तारीख बताई थी। वहीं, डीके शिवकुमार ने दिल्ली रवाना होने से पहले कहा था कि ‘कुछ परिस्थितियों में दिल्ली जाना जरूरी हो जाता है, इसलिए जा रहा हूं’।

Ankita Chourdia
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