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Karnataka Women Employee Paid Menstrual Leave : कर्नाटक की महिला कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य की सिद्धारमैया सरकार ने महिला कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी महिला कर्मचारियों को हर महीने एक पीरियड्स लीव मिलेगी यानि सालभर में कुल 12 दिन विशेष छुट्टी का लाभ महिलाओं को मिलेगा। बता दे कि राज्य सरकार का यह आदेश कर्नाटक उच्च न्यायालय में बैंगलोर होटल एसोसिएशन द्वारा दायर एक याचिका के बाद आया है, जिसमें उन्होंने मेनस्ट्रुअल लीव नोटिफिकेशन को चुनौती दी थी। याचिका में तर्क दिया गया था कि यह नियम भेदभावपूर्ण है, इसमें सरकारी नौकरी वाली महिलाओं को शामिल नहीं किया है, जबकि राज्य में महिलाओं की सबसे ज्यादा नौकरी सरकारी विभागों में है।
कर्नाटक सरकारी महिलाकर्मियों को हर महीने मिलेगी पेड पीरियड लीव
- दरअसल, 9 अक्टूबर को सीएम सिद्धारमैया की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मेंस्ट्रुअल लीव पॉलिसी (MLP) 2025 को मंजूरी दी गई थी। इसके तहत प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत महिला कर्मचारियों (प्राइवेट कंपनीज और इंडस्ट्रियल सेक्टर्स) को हर महीने एक दिन की पेड लीव दी जाएगी। इस संबंध में सरकारी आदेश 12 नवंबर 2025 को जारी किया गया था।
- अब राज्य सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है । इसके तहत अब सरकारी महिला कर्मचारियों को भी एक दिन पेड पीरियड्स लीव का का लाभ मिलेगा।इसके लिए राज्य सरकार ने एक नई नीति को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत 18 से 52 साल की उम्र की सभी महिला सरकारी कर्मचारियों को हर महीने एक दिन यानि सालाना 12 वैतनिक पीरियड लीव दी जाएगी। नए आदेश के साथ, सरकारी क्षेत्र के 1.5 लाख से ज्यादा महिला कर्मचारियों को इस नई अवकाश नीति का लाभ मिलेगा।
इन महिला कर्मियों को होगा लाभ, मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरत नहीं
- सरकारी महिला कर्मचारियों के साथ-साथ, प्राइवेट कंपनीज और इंडस्ट्रियल सेक्टर्स में काम करने वाली महिलाओं को भी लाभ मिलेगा। यह आदेश आउटसोर्स व संविदा कर्मचारियों पर भी लागू होगा।
- यह सुविधा उन सभी उद्योगों और प्रतिष्ठानों पर लागू होगी, जो फैक्ट्री एक्ट 1948, कर्नाटक दुकान व वाणिज्य प्रतिष्ठान अधिनियम 1961, प्लांटेशन वर्कर्स एक्ट 1951, बीड़ी और सिगार वर्कर्स रोजगार शर्त अधिनियम 1966 और मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स एक्ट 1961 के तहत पंजीकृत हैं।
- आदेश में साफ कहा गया है कि आकस्मिक अवकाश देने के लिए सक्षम प्राधिकारी मासिक धर्म अवकाश दे सकता है और इस अवकाश का लाभ उठाने के लिए किसी मेडिकल प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। इस अवकाश को अवकाश/उपस्थिति पुस्तिका में अलग से दर्ज किया जाना चाहिए व मासिक धर्म अवकाश को किसी अन्य अवकाश के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

