दिग्विजय सिंह ने कहा- “40 साल पुरानी है कमनलाथ से मित्रता, कभी नहीं आ सकती दरार”

DIGVIJAY SINGH

कटनी/वंंदना तिवारी

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि कमलनाथ से उनकी मित्रता 40 साल पुरानी है और ये कभी खत्म नहीं हो सकती। बता दें कि कांग्रेस सरकार गिरने के बाद राजनीतिक गलियारों में दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच मनमुटाव की खबरें आई थी। लेकिन दिग्विजय सिंह ने अब इस मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि ये सारी अफवाहें बीजेपी द्वारा उड़ाई गई हैं। मेरे और कमलनाथ के बीच बहुत पुरानी दोस्ती हैं और हम दोनों के बीच न कभी दरार थी न होगी। वहीं उन्होने कहा कि कांग्रेस की पूरी कोशिश होगी कि वो उपचुनाव में सारी सीटें जीतें और कमलनाथ फिर से मुख्यमंत्री बनें।

दिग्विजय सिंह शनिवार को आध्यात्मिक गुरु गृहस्थ संत पं देव प्रभाकर शास्त्री (दद्दा जी) की तेरहवीं पर श्रद्धांजलि अर्पित करने कटनी पहुँचे थे। इस दौरान सर्किट हॉउस में आयोजित प्रेस कांफ्रेस में दिग्विजय सिंह ने मोदी सरकार और प्रदेश की शिवराज सरकार पर जमकर हमला बोला। मोदी सरकार के 6 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जारी सन्देश पर पूछे गए सवाल को उन्होंने व्यंग्यात्मक तरीके से लिया। 6 वर्ष की सफलता पर कुछ कहने से पहले उन्होंने कहा की मैं पहले थोड़ा हंस लूं, इस तरह दिग्विजय सिंह ने चुटकी लेते हुए मोदी सरकार को जमकर घेरा। उन्होने कहा की भाजपा की 15 साल की सरकार वो काम नहीं कर पाई जो कमलनाथ सरकार ने 15 महीने में कर दिखाया। पत्रकारों से बात करने के बाद दिग्विजय सिंह इसके बाद झिंझरी स्थित देवप्रभाकर शास्त्री नगर दद्दा धाम में पहुंचे और  दद्दा जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews