7 साल की बच्ची ने क्यों कहा- “मेरे पापा मुझे प्यार नहीं करते”, देखिये वीडियो

7 साल की बच्ची ने क्यों कहा- “मेरे पापा मुझे प्यार नहीं करते”, देखिये वीडियो

कटनी/वंदना तिवारी।

देश के प्रधानमंत्री से लेकर स्थानीय प्रशासन तक कोरोना से लड़ने के लिये लोगों से सहयोग के लिये कह रहे हैं। और अब इसी कड़ी में सात साल की एक मासूम ने भी लोगों से कोरोना से बचने और घरों में रहने की अपील की है। दरअसल इस बच्ची के पिता एक पुलिस अधिकारी है और इन दिनों घट रहे हालात और अपने पिता को ड्यूटी पर जाते देख इस बच्ची ने ये वीडियो जारी किया है।

कटनी जिले के पुलिस अधिकारी रंगनाथ प्रभारी की 7 साल की बच्ची का ये वीडियो सोशल मीडिया बहुत वायरल हो रहा है। इसमें सानवी नाम की बिटिया का दर्द छलक रहा है, वो जनता से यह अपील कर रही है कि प्लीज आप लोग घर से बाहर ना निकलें, आप लोगों को संक्रमण होने का खतरा हो सकता है। उसने ये भी कहा कि मेरे पापा एक पुलिस अधिकारी हैं और वो रोज ड्यूटी पर जा रहे हैं, काम से लौटने के बाद भी वो संक्रमण के डर से मेरे साथ खेलते नहीं है, मुझे प्यार भी नहीं करते और अलग कमरे में रहते हैं। सानवी ने कहा है कि अगर आप सब कोरोना से बचाव में मदद करेंगे तो मेरे पापा और बाकी पुलिस अधिकारी भी अपने घर में अच्छे से रह पाएंगे। कई लोग अब भी पुलिस प्रशासन की तमाम हिदायतों के बाद भी इस वायरस के खतरे को गंभीरता से नहीं ले रहे, लेकिन शायद इस बच्ची की मार्मिक अपील देखने के बाद उनपर कोई असर पड़े।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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