खंडवा में भाजपा नेता ने किया सुसाइड, बेटी की लव मैरिज के बाद तनाव में थे जिला मंत्री, घर में फंदे पर मिला शव

खंडवा में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला मंत्री और राशन दुकान संचालक मनीष परदेशी का शव घर में फंदे से लटका मिला। घटना के समय परिवार शहर से बाहर था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खंडवा में भाजपा नेता ने किया सुसाइड, बेटी की लव मैरिज के बाद तनाव में थे जिला मंत्री, घर में फंदे पर मिला शव

मध्य प्रदेश के खंडवा में सोमवार को भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला मंत्री मनीष परदेशी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। दरअसल लक्कड़ बाजार स्थित उनके घर में उनका शव फंदे से लटका मिला। एक दोस्त के दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचने पर घटना का पता चला। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

दरअसल खंडवा शहर में सोमवार को शोक का माहौल बन गया। भाजपा नेता मनीष परदेशी का शव उनके घर में फंदे से लटका मिला। पुलिस के मुताबिक घटना के समय उनके परिवार के सदस्य शहर से बाहर थे। देर तक फोन और आवाज देने पर जवाब नहीं मिलने के बाद उनके एक दोस्त ने घर का दरवाजा तोड़ा। अंदर पहुंचने पर मनीष परदेशी का शव फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही मोघट रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है।

मामले में पुलिस की शुरुआती जांच

वहीं मोघट रोड थाना प्रभारी विकास खिंची ने बताया कि परिजन पारिवारिक काम से शहर से बाहर गए हुए थे और उनके लौटने के बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई। पुलिस फिलहाल हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल की जांच के साथ-साथ परिवार और करीबी लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। परिजनों और रिश्तेदारों के अनुसार मनीष परदेशी पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने परिवार की इच्छा के खिलाफ लव मैरिज की थी, जिसके बाद वह परेशान रहने लगे थे। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक आत्महत्या के कारण को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

सामाजिक संगठनों में निभा चुके थे अहम जिम्मेदारियां

दरअसल मनीष परदेशी खंडवा में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला मंत्री के रूप में सक्रिय थे। इसके अलावा वह एक हिंदू संगठन के अध्यक्ष भी रह चुके थे और सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी लगातार बनी रहती थी। वह सरकारी राशन दुकान का संचालन भी करते थे और जिले के राशन दुकान संचालकों की यूनियन के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, स्थानीय लोग और परिचित जिला अस्पताल पहुंचे।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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