खंडवा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार और लाठीचार्ज के विरोध में राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने बुधवार को खंडवा में जोरदार प्रदर्शन किया। एस.एन. कॉलेज के सामने सड़क पर बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की भी मांग की, जिसे लेकर वे काफी आक्रोशित नजर आए।
इस विरोध प्रदर्शन के चलते एस.एन. कॉलेज के सामने सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे कुछ समय के लिए शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने-बुझाने का काम किया। इसके बाद पुलिस ने धीरे-धीरे यातायात को व्यवस्थित करना शुरू किया और सड़क पर लगे जाम को खुलवाकर वाहनों की आवाजाही को फिर से सुचारु कराया।
सरकार को उनकी बात को गंभीरता से सुनना चाहिए: NSUI नेता
एनएसयूआई की नेता रचना तिवारी ने इस अवसर पर अपनी बात रखते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का भविष्य युवाओं और छात्रों के हाथों में सुरक्षित है, इसलिए जब छात्र अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाते हैं, तो सरकार को उनकी बात को गंभीरता से सुनना चाहिए। रचना तिवारी ने आगे कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय यदि उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है या उन पर लाठीचार्ज कर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जाता है, तो यह किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
रचना तिवारी ने देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की स्थिति पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों का बहुमूल्य समय और कड़ी मेहनत लगा रहा है। ऐसे में पेपर लीक होने की घटनाएं और परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताएं विद्यार्थियों के भविष्य पर अत्यंत प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक छात्र के पीछे केवल उसकी अपनी उम्मीदें ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार की आशाएं और वर्षों की मेहनत जुड़ी होती है। परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर सिर्फ एक विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार का भविष्य अंधकारमय हो जाता है।
NSUI नेताओं ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
एनएसयूआई नेताओं ने केंद्र सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा कार्यकाल में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के कई गंभीर मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं के कारण छात्रों के मन में असुरक्षा और गहरी निराशा का माहौल बन गया है। उन्होंने मांग की कि सरकार को इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा सके। इससे विद्यार्थियों को उनकी कड़ी मेहनत का उचित और न्यायसंगत परिणाम मिल सके, और उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां छात्र और युवा अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में उनके साथ कथित रूप से किया गया दुर्व्यवहार और लाठीचार्ज का मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। एनएसयूआई ने मांग की कि छात्रों के साथ हुई इस घटना की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि दोषियों को सजा मिल सके। इसके साथ ही भविष्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के साथ किसी भी प्रकार का बल प्रयोग न किया जाए, इसकी गारंटी दी जाए।
प्रदर्शन में फिर उठी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे किसी एक राजनीतिक दल या संगठन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य का एक महत्वपूर्ण सवाल है। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने, पेपर लीक एवं परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोरतम कदम उठाने की पुरजोर मांग की। प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, हालांकि इसके चलते कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सफलतापूर्वक व्यवस्थित किया।






