खेलो इंडिया प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतने पर प्रदेश सरकार ने छात्रा को किया सम्मानित

खेलो इंडिया प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतने पर प्रदेश सरकार ने छात्रा को किया सम्मानित

खंडवा। सुशील विधानी।

मध्य प्रदेश शासन के खेल युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी और मंत्री गोविंद राजपूत द्वारा ग्राम बोरगांवखुर्द जिला खंडवा की बालिका छाया पटेल को खेलो इंडिया ऑल इंडिया कुश्ती काम्पिटिशन में कांस्य पदक जीतने पर 51000 का चेक भेंट कर सम्मानित किया गया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है लेकिन व्यवस्थित प्रशिक्षण व मंच मिल जाता है तो हमारे जिले की प्रतिभाएं खंडवा का नाम प्रदेश, देश ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करती है। भूतपूर्व विधायक व मप्र केसरी रह चुके स्व. हुकुमचंद यादव ने जिले में कुश्ती को जिंदा रखा और उनके मार्गदर्शन पर चलते हुए उनके पुत्र मंगल यादव, कुश्ती संघ सचिव रघुनाथ पांजरे ने अपनी सक्रियता और मेहनत के साथ जिले में जहां पुरूष पहलवानों की टीम तैयार की वहीं महिलाओं को भी कुश्ती से जोड़कर आगे बढ़ाया। पुरूष पहलवानों के साथ ही जिले की कई युवतियां कुश्ती में अपना शानदार प्रदर्शन करते हुए खंडवा का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रही है। छाया पटेल का सम्मानित किए जाने पर जिला कुश्ती संघ अध्यक्ष मंगल यादव, सचिव रघुनाथ पांजरे, विधायक देवेन्द्र वर्मा, जिलाध्यक्ष सेवादास पटेल, हीरालाल यादव, पन्ना यादव, सुनील जैन, ऋषि सोनकर, राजाराम पटेल, जगदीश पटेल, गोविंद पहलवान और जिला कुश्ती संघ के समस्त पदाधिकारियों ने शुभकामना देते हुए मप्र शासन का आभार माना।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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