मोबाइल चलाने से 75% माता-पिता हो चुके हैं डिप्रेशन के शिकार, जल्दी ही खो बैठते हैं आपा

मोबाइल चलाने से 75% माता-पिता हो चुके हैं डिप्रेशन के शिकार, जल्दी ही खो बैठते हैं आपा

Parents are using their phones during dinner

लाइफस्टाइल, डेस्क न्यूज | आजकल के ज्यादातर पेरेंट्स मोबाइल पर अपना समय ज्यादा बिताते हैं। वो मोबाइल के इस कदर शिकार हो चुके हैं कि उन्हें किसी के साथ वक्त बिताना अच्छा नहीं लगता। या यूं कहें कि मोबाइल में उन्हें अपने आगोश में ले लिया है। दरअसल, कोरोना काल में घर से बाहर जाना बंद था। इस दौरान पेरेंट्स अपना वक्त बिताने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करते थे। कई बार माता-पिता दोनों ही जॉब करते हैं। ऐसी स्थिति में फोन पर ही उनका ज्यादा समय बितता है। जिसके कारण वो अपने बच्चों पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते हैं। इसके अलावा वो आंखों में तकलीफ समेत कई सारी समस्याएं से ग्रसित हो रहे है। साथ ही, दिनभर मोबाइल चलाने के कारण वो चिड़चिड़ापन, अधिक गुस्सा करना, बच्चों पर बेवजह चिल्लाना, जल्दी आपा खो देना जैसी परेशानियों से घिर जाते हैं। कई बार तो पति-पत्नी आपस में भी लड़ जाते हैं जो कि आपके रिश्ते को बेवजह कमजोर कर सकता है।

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वहीं, एक शोध में पाया गया है कि मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करने वाले पेरेंट्स ऐसी परिस्थितियों के ज्यादा शिकार हो जाते हैं। जिससे उन्हें बेवजह चिड़चिड़ापन और गुस्सा आना जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। जिसमें उनके बच्चों के प्रति व्यवहार बदल जाता है। हाल ही में कनाडा की वॉटरलू यूनिवर्सिटी के शोध करने के दौरान इस बात का खुलासा किया गया कि, दिन भर में लगातार 3 से 4 घंटे मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले पेरेंट्स अपने बच्चों पर बेवजह चिल्लाते हैं। उनके ऐसे व्यवहार से बच्चों में भी रोश की स्थिति उत्पन्न होती है।

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इसके साथ ही माता और पिता डिप्रेशन के शिकार होते जा रहे हैं। करोना काल के दौरान लोगों ने फोन को अपने दिनचर्या में जरूरी सामान की तरह उपयोग करना शुरू कर दिया है। जिससे उनके दिमाग में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। साथ ही स्थिति में सुधार नहीं लाने पर इसका नुकसान पेरेंट्स के साथ साथ उनके बच्चों को भी भुगतना पड़ सकता है। कई बार इसके नकारात्मक परिणाम भी सामने आ सकते हैं।

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जिस से बचाव के लिए उन्हें अपने आपको फोन से दूर रखना होगा अपना ज्यादा समय अपने बच्चों अपने परिवार के साथ बिताएं। इसके अलावा रोज सुबह बाहर टहलने के लिए जाएं। जिससे आपमें सोचने की क्षमता से जो खत्म होती जा रही है वह 10 लोगों के मिलने और शुद्ध वातावरण से विकसित होगा। जिससे आप तनावमुक्त रह सकेंगे। साथ ही रात में जल्दी सोनी का प्रयास करें। इससे आपकी नींद पूरी होगी और सुबह फ्रेश माइंड से उठेंगे। जिससे अपने बच्चों का खास खयाल भी रख पाएंगे। इस सबके अलावा बच्चों के साथ वक्त बिताने के लिए कहीं बाहर घूमने भी जा सकते हैं। जिससे आपका पूरा ध्यान अपने बच्चे और घूमने पर केंद्रित रहेगा। इससे आप धीरे-धीरे मोबाइल से दूर होते जाएंगे और इसका नतीजा आपको तनाव मुक्त करेगा।

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Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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