सर्दियों में गाजर बढ़ाएगा चेहरे की सुंदरता, इन 3 तरीकों से बनाएं फेसपैक, मुलायम होगी त्वचा, फाइन लाइन्स से मिलगा छुटकारा

Carrot Face pack For Winter

Carrot Face pack For Winter: गाजर में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं। सर्दियों में इसका सेवन करना बहुत फायदेमंद माना जाता है। लेकिन क्या आपको पता गाजर त्वचा के लिए भी लाभकारी होता है। इससे बने फेसपैक का इस्तेमाल करने से ड्राइनेस से छुटकारा मिलता है। रंगत में सुधार आता है। स्किन सॉफ्ट और हेल्दी होती है। हालांकि नियमित तौर पर गाजर के फेसपैक का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। आप अलग-अलग तरीके से गाजर का फेसपैक बना सकते हैं-

रंग निखारने के लिए फेसपैक

गाजर और बेसन का फेसपैक चेहरे पर निखार लाने के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसे बनाने के लिए 2 चम्मक गाजर के पेस्ट में 1 चम्मच बेसन, 1 चम्मच दही और 1 चुटकी हल्दी डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। अब इसे चेहरे और गर्दन पर 10 मिनट तक लगाकर छोड़ दें। फिर नॉर्मल वॉटर से चेहरा धो लें। इससे का सिर्फ त्वचा का रूखापन कम होता है , बल्कि स्किन टोन में सुधार भी आता है।

गाजर और शहद से बनाएं फेसपैक

गाजर को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर 5 मिनट तक उबाल लें। अब इसे एक कटोरी में मैश करें। नींबू का रस और शहद डालकर अच्छे से मिलाएं। गाढ़ा पेस्ट तैयार करके चेहरे पर लगाएं। 10-15 मिनट तक इस मिश्रण को चेहरे पर छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से चेहरे धो लें।

फाइन लाइन और रिंकल्स के लिए फेसपैक

फाइन लाइंस और रिंकल्स को दूर करने में भी गाजर आपके काम आ सकता है। 4-5 चम्मच गाजर का रस, खीरे का पेस्ट 1 चम्मच और आधा चम्मच मलाई को अच्छे से मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे और गर्दन पर लगाएं। 10-15 मिनट बाद फेस को वॉश कर लें।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता। विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews