सौंठ की चाय से पिघलेगी चर्बी, तेजी से घटेगा वजन, जानें इसके फायदे और बनाने का तरीका

सौंठ की चाय से पिघलेगी चर्बी, तेजी से घटेगा वजन, जानें इसके फायदे और बनाने का तरीका

Dry Ginger Tea Benefits: सर्दियों के मौसम में सौंठ की चाय का सेवन करना बहुत ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। सौंठ में कई सेहतमंद गुण भी पाए जाते हैं। इसमें में विटामिन ए, सोडियम, विटामिन सी, जिंक और फैटी एसिड जैसे गुण पाए जाते है, इससे बनी चाय के सेवन से कोलेस्ट्रॉल लेवल संतुलित रहता है। जोड़ों का दर्द भी ठीक होता है। सौंठ में फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है इसलिए पेट को भरा भी रखता है। साथ ही यह शरीर के मेटाबॉलिज़्म को ठीक करता है।

वजन घटाने के लिए सौंठ की चाय

वजन यदि आप वजन घटाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो “सौंठ की चाय” का सेवन हर सुबह खाली पेट करने की सलाह दी जाती है। इसके सेवन से कब्जियत और गैस की समस्या का समाधान भी होता है। यह चाय तेजी से वजन घटाने में मदद करता है। बिना दूध की बनी ड्राइ जिन्जर टी को वजन घटाने के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

इन चीजों की होगी जरूरत
  • एक कप पानी
  • चाय की पत्ती
  • आधा कप दूध
  • छोटी इलायची (ऑप्शन)
  • सौंठ का पाउडर
  • लौंग का पाउडर
बनाने की विधि
  • चाय बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में में पानी उबाले।
  • फिर इसमें चाय की पत्तियां डालें।
  • अब छोटी इलायची, लौंग और दूध डाल दें।
  • जब चाय में उबाल आ जाए तब इसमें सौंठ का पाउडर डालें।
  • 10 से 15 मिनट तक इसे उबालने के बाद छलनी से छान कर गरम-गरम चाय का सेवन करें।

Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल शिक्षित करना है। यह खबर मान्यताओं पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग न्यूज इं बातों का दावा नहीं करता। कोई भी कदम उठाने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews