
पूरे भारत में नवरात्रि का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। नवरात्रि का त्योहार केवल पूजा पाठ और उपवास का अवसर नहीं है। बल्कि यह घर और आंगन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का एक समय होता है। नवरात्रि के दौरान चारों तरफ़ का माहौल बड़ा ही सकारात्मक महसूस होता है। इसी उर्जा को बढ़ाने के लिए और हमेशा अपने घर में बनाए रखने के लिए एक घर में गुड़हल का पौधा लगाना एक बहुत ही अच्छा विचार है। गुड़हल सिर्फ़ सुंदर फूल ही नहीं देता बल्कि यह घर में समृद्धि और ख़ुशहाली भी लाता है।
माँ दुर्गा को गुडहल अर्पित करना पौराणिक कथाओं में अत्यंत शुभ माना जाता है। इस फूल के पौधे को लगाने के लिए ही आपको ज़्यादा मेहनत करने की आवश्यकता नहीं है, सही समय और देखभाल के तरीक़ों की साथ ही यह पौधा आपके घर में सालों तक हरा भरा और फूलों से भरा रहेगा।
गुड़हल के पौधा का महत्व (Gudhal Plant)
गुड़हल की फ़ुल हो माता रानी का प्रिय फूल इसलिए माना जाता है क्योंकि इसकी लाल पंखुड़ियाँ शक्ति और साहस का प्रतीक होती है। घर में गुड़हल का पौधा लगाने से नकारात्मक उर्जा दूर होती और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। इस पौधे को लगाने से घर में सुख समृद्धि और ख़ुशहाली आती है, देवी दुर्गा को गुड़हल अर्पित करने से हमेशा कृपा बनी रहती है।
किस समय लगाना चाहिए गुड़हल का पौधा
गुड़हल के पौधे को उगाना बहुत ही आसान होता है, लेकिन कुछ ख़ास चीज़ों का ध्यान रखना ज़रूरी होता है। बरसात या बसंत के मौसम में पौधा लगाने से यह तेज़ी से बढ़ता है। गुड़हल को ऐसी जगह लगाएं जहाँ पर्याप्त धूप और हवा मिलती है।
उपजाऊ और जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करना अच्छा होता है। नियमित पानी और हर दो तीन महीनों में ज़्यादा खाद डालना भी अच्छा है। इन चीज़ों का ध्यान रखने से गुड़हल का पौधा जल्दी बढ़ता है और फूलों से भरा रहता है।
कटिंग से कैसे लगाएं गुड़हल का पौधा?
अगर आप कटिंग से गोडेल का पौधा लगाना चाहते हैं, तो कम से कम छह से सात इंच लंबी कटिंग का चयन करें। कठिन वो पानी में डालें और सीधे मिट्टी में लगाएं। हेल्थ का पानी और छाया दें, जब तक की जड़े मज़बूत न हो जाए। आपको बता दें, कटिंग की मदद से लगाया गया था जल्दी फलता फूलता है साथ ही साथ स्वास्थ्य भी रहता है।

