
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। भाई बहन के प्यार का त्यौहार रक्षाबंधन (Raksha bandhan) बस आने को है और इसे लेकर सबकी तैयारियां ज़ोरों पर है। इस खास दिन के लिए सभी कुछ न कुछ सोच कर चलते हैं। कैसे अपने भाई या बहन को स्पेशल फील कराया जाए, क्या तोहफे लिए जाएं, क्या खास पकवान बनाए जाएं। लेकिन किसी भी पर्व का महत्व तब और बढ़ जाता है जब हम अपने और अपनों के अलावा उन्हें भी इसमें शामिल करें..जो जरुरतमंद हैं। हमारे यहां कहा भी गया है कि खुशियों के अवसर पर उनकी मदद करना चाहिए जो वंचित हैं। तो क्यों न इस राखी हम भी कुछ और लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम करें।
Raksha Bandhan 2022 : इस रक्षाबंधन करें कुछ हटकर, इस तरह दें त्यौहार को थोड़ा मॉडर्न टच
- सड़कों पर रहने वाले बच्चों को राखी और मिठाई बांटी जा सकती है। हमें अक्सर ही चौराहों फुटपाथ पर ऐसे बच्चे दिख जाते हैं। आपकी छोटी से कोशिश से ये त्यौहार उनके लिए भी मीठा बन जाएगा।
- किसी अनाथाश्रम में जाकर बच्चों को राखी बांधी जा सकती है। ये भी किया जा सकता है कि पहले से बात कर ली जाए और उस दिन का भोजन अपनी तरफ से बनवाया जाए।
- वृद्धाश्रम में जाकर बुजुर्गों के साथ थोड़ा समय व्यतीत किया जा सकता है। इस उम्र में अपनो से दूर इन बुजुर्गों को अगर कोई ऐसा मिल जाए जो उनके पास बैठे बात करें तो इतने भर से उनका त्यौहार मन जाएगा।
- किसी अस्पताल में जाकर मरीजों के ऐसे अटेंडेंट जो बाहर बैठे हैं, उन्हें खाने के पैकेट्स दिए जा सकते हैं।
- गरीब जरुरतमंदों को उनकी आवश्यकता के हिसाब से पैसे, भोजन सामग्री या दवाओं से मदद की जा सकती है।
- मांगकर गुजारा करने वाले लोगों को कुछ दान किया जा सकता है।
- अगर आप कुछ बड़ा करना चाहते हैं तो किसी बच्चे की साल भर की फीस स्पॉन्सर कर सकते हैं। इससे एक बच्चे के भविष्य निर्माण में सहयोग हो सकता है।
- अपने मोहल्ले के गार्ड, चौकीदार, पेपर वाला, गाड़ी साफ करने वाल, ऑफिस के चपरासी या फिर ड्रायवर आदि को अपनी खुशियों में शामिल कीजिए। उन्हें खाना या मिठाई दीजिए और उनके हालचाल पूछिये।
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →

