मकरसंक्रांति के अवसर पर भारत के इन जगहों पर घूमने का बनाए प्लान, पर्व का मजा हो जाएगा डबल

मकरसंक्रांति के अवसर पर भारत के इन जगहों पर घूमने का बनाए प्लान, पर्व का मजा हो जाएगा डबल

Places To Visit In India On Makar Sankranti: मकर संक्रांति का त्योहार बेहद विशेष होता है। पूरे देश में इसे लोग धूम-धाम से मनाते है। इससे जुड़ी कई मान्यताएं भी है। लोग पवित्र नदियों में स्नान करना और सूर्यदेव को अर्घ्य देना बहुत शुभ मानते हैं। हालांकि इस पर्व का मजा देश के हर राज्य और शहर में आता है। विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए जाते। इसके अलग नाम भी हैं, लेकिन सब में तिल की मिठास समान है। पतंग उड़ाने से लेकर पकवान तक यह त्योहार सिम्पल होने के साथ-साथ खास होता है। यदि आप भी घर पर इसे मना कर बोर हो गए हैं और कुछ नया अनुभव लेना चाहते हैं, तो देश के इन स्थानों पर घूमने जा सकते हैं।

अमृतसर

पंजाब के स्थित अमृतसर मकरसंक्रांति सेलिब्रेट करने के लिए बेस्ट ऑप्शन बन सकता है। यहाँ 13 जनवरी को हर साल लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है। लोग पवित्र अग्नि के चारों ओर घूमने हैं। डांस होता है संगीत होता है। अलग-अलग पकवान भी त्योहार का मजा बढ़ा सकते हैं।

हरिद्वार

उत्तराखंड का हरिद्वार का नजारा हमेशा मनभावक रहता है। सर्दियों में यह और भी आकर्षक हो जाता है। यहाँ शाम में आप गंगा आरती का हिस्सा जरूर बने।

प्रयागराज

प्रयागराज सबसे बड़े धर्मस्थल में से एक है। यहाँ लोग इस दिन खिचड़ी खाते। कई लोग इसका भी करते हैं। गंगा घाट पर होने वाली आरती को मिस ना करें। यह आपके पर्व को यादगार बनाने की क्षमता रखता है।

मैसूर

कर्नाटक के मैसूर में आपको मकरसंक्रांति का त्योहास खास लगता है। लोग सूर्यदेव की पूजा-अर्चना करते हैं। अलग-अलग पकवान भी बनते हैं। आप इस साल यहाँ गूमने का प्लान बना सकते हैं।

कोलकाता

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता को इस दिन के लिए बहुत स्पेशल माना जाता है। इस त्योहार को यहाँ पौष संक्रांति भी कहते है। पूली और पीठा जैसे स्वादिष्ट मीठे पकवान भी यहाँ लोग बनाते हैं। इस दौरान आप गंगा सागर मेले का मजा ले सकते हैं।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews