अब सुबह की शुरुआत कीजिए ‘फंगस लाटे’ के साथ, ‘मशरूम कॉफी’ जो बन गई है हेल्थ कॉन्शियस लोगों की पहली पसंद

मशरूम का औषधीय मशरूम का उपयोग सदियों से पारंपरिक चिकित्सा में होता रहा है। ये कॉफी उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो कम कैफीन चाहते हैं। मशरूम कॉफी को 'फंक्शनल फूड' मूवमेंट का हिस्सा माना जा रहा है, जो स्वास्थ्य और स्वाद को एक साथ जोड़ता है। आधुनिक मशरूम कॉफी का श्रेय फिनलैंड की कंपनी Four Sigmatic को दिया जाता है, जिसने 2010 के दशक में इसे पश्चिमी देशों में लोकप्रिय बनाया।
Mushroom Coffee

फोटो साभार: गूगल

अगर आपकी सुबह भी कॉफी के बिना अधूरी है, अगर आपकी नींद भी अपनी मनपसंद कॉफी के बिना नहीं खुलती है तो तैयार हो जाइए एक नए ट्विस्ट के लिए। कॉफी की दुनिया में अब धूम मचा रही है ‘फंगस लाटे’। ये मशरूम से बनी कॉफी है जो कम कैफीन के साथ ज्यादा सेहत पर फोकस करती है।

कॉफी के शौकीनों के लिए यह खबर काम की है। अब कई जगह सुबह की शुरुआत सिर्फ कैफीन वाली ब्लैक या मिल्क कॉफी से नहीं, बल्कि ‘फंगस लाटे’ से की जा रही है। दुनियाभर में मशरूम से बनी खास कॉफी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। स्वास्थ्य लाभ और कम कैफीन वाले विकल्प के रूप में मशरूम कॉफी को नई जीवनशैली का हिस्सा माना जा रहा है।

क्या है मशरूम कॉफी

मशरूम कॉफी, जिसे फंगस लाटे भी कहा जाता है कॉफी और औषधीय मशरूम पाउडर का अनोखा मिश्रण है। इसमें चागा, रीशी, लायन माने और कॉर्डिसेप्स जैसे मशरूम का अर्क मिलाया जाता है। ये मशरूम न सिर्फ स्वाद को निखारते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं। इसमें कैफीन की मात्रा सामान्य कॉफी की तुलना में कम होती है, जिससे ये उन लोगों के लिए भी बेहतर है जो कैफीन के साइड इफेक्ट्स से बचना चाहते हैं। इसका टेक्सचर क्रीमी और स्वाद में हल्का सा ‘अर्थी’ होता है, जो कॉफी लवर्स को एक नया अनुभव देता है।

क्यों बढ़ रहा है क्रेज़

आज की पीढ़ी सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि सेहत भी चाहती है। मशरूम कॉफी में मौजूद एडाप्टोजेन्स तनाव कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। मशरूम कॉफी में कैफीन की मात्रा कम होने से नींद न आने या बेचैनी जैसी समस्याएं कम होती हैं। मशरूम में एंटीऑक्सिडेंट्स, एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण और एडाप्टोजेन्स होते हैं जो तनाव कम करते हैं, इम्यूनिटी बूस्ट करते हैं और एनर्जी लेवल को बैलेंस रखते हैं। साधारण कॉफी की तरह नहीं, फंगस लाटे कई फ्लेवर्स और मिक्स में आता है, जैसे वनीला, दालचीनी या कोको के साथ। मिलेनियल्स और जेन-ज़ी इसे ‘हेल्थ मीट्स हाइप’ का परफेक्ट कॉम्बो मानते हैं।
पर्यावरण के लिए दोस्त: मशरूम की खेती कॉफी बीन्स की तुलना में कम पानी और संसाधन लेती है, जिससे ये इको-फ्रेंडली कॉफी लवर्स की पहली पसंद बन रहा है।

मशरूम कॉफी के प्रकार 

  • चागा मशरूम कॉफी: ये कॉफी कई तरह की होती है, जो इसमें इस्तेमाल किए गए मशरूम पर निर्भर करती है। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर, इम्यूनिटी बूस्टर।
  • रीशी मशरूम कॉफी: तनाव कम करने और नींद बेहतर करने के लिए मशहूर।
  • लायन माने कॉफी: दिमाग की फोकस और मेमोरी बढ़ाने में मददगार।
  • कॉर्डिसेप्स कॉफी: एथलीट्स और फिटनेस लवर्स के लि। ये एनर्जी और स्टैमिना बढ़ाती है।

फायदे जो बनाते हैं इसे खास

  • इम्यूनिटी बढ़ाए: मशरूम में मैक्रोन्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं।
  • तनाव और थकान कम करे:  रीशी और चागा जैसे मशरूम एडाप्टोजेन्स की तरह काम करते हैं, जो तनाव को कंट्रोल करते हैं।
  • बेहतर फोकस और एनर्जी: लायन माने मशरूम दिमाग को तेज करता है, जबकि कॉर्डिसेप्स बिना जिटर्स के एनर्जी देता है।
  • पाचन में सुधार: मशरूम में प्रीबायोटिक्स होते हैं, जो गट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं।
  • कम कैफीन, कम साइड इफेक्ट: सामान्य कॉफी के मुकाबले मशरूम कॉफी में कैफीन कम होने से दिल की धड़कन या बेचैनी जैसी समस्याएं कम होती हैं।

सावधानी रखें

जिन्हें मशरूम से एलर्जी है, उन्हें इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। कुछ दवाओं के साथ मशरूम कॉफी रिएक्ट कर सकती है, इसलिए चिकित्सक की सलाह जरूरी है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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