100% नेचुरल देसी खाद से सावन में खिलेगा कनेर, शिव पूजन के लिए मिलेंगे ताजे फूल

सावन में अगर कनेर के पौधे में नहीं आ रहे फूल, तो अब घबराने की जरूरत नहीं। घर में मौजूद चीज़ों से बना ये नेचुरल और असरदार खाद पौधे की ग्रोथ बढ़ाएगा और कुछ ही दिनों में कनेर लदेगा फूलों से। शिव पूजा में अब नहीं होगी फूलों की कमी।
Homemade Fertilizer

सावन का महीना आते ही शिव भक्त कनेर के फूलों की तलाश में रहते हैं क्योंकि ये फूल भगवान शिव को अर्पित करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। लेकिन इस बार कई लोगों की शिकायत है कि कनेर के पौधे में एक भी फूल नहीं आ रहा। ऐसे में पूजा-पाठ का मन भी परेशान हो जाता है।

अगर आपके घर या बगीचे में लगा कनेर का पौधा भी सूना-सूना नजर आ रहा है, तो अब घबराने की जरूरत नहीं। हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसा 100% नेचुरल और होममेड खाद, जो पौधे की जड़ में डालते ही असर दिखाएगा। यह खाद पौधे को न सिर्फ पोषण देगा बल्कि उसमें तेजी से फूल आने शुरू हो जाएंगे।

कनेर में फूल ना आने के पीछे की मुख्य वजहें

कई बार कनेर का पौधा सही समय पर फूल नहीं देता, उसके पीछे कुछ अहम कारण होते हैं जैसे मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी, बहुत ज्यादा या बहुत कम पानी, और धूप की सही मात्रा ना मिलना। साथ ही अगर लंबे समय से पौधे को कोई ऑर्गेनिक फीड नहीं मिला हो, तो उसका ग्रोथ रुक जाता है। ऐसे में जरूरी है कि हम इसे सही समय पर सही पोषण दें।

ये 100% नैचुरल होममेड खाद तुरंत दिखाता है असर

  • एक केला
  • बचा हुआ चायपत्ती का कचरा
  • थोड़ा सा छाछ
  • और अगर हो सके तो एक चम्मच लकड़ी की राख

इन सभी चीजों को अच्छे से मिलाकर एक पेस्ट जैसा बना लें और कनेर के पौधे की जड़ों के पास मिट्टी में डाल दें। ये मिश्रण पौधे को जरूरी नाइट्रोजन, पोटैशियम और फॉस्फोरस देता है, जिससे उसकी ग्रोथ तेज होती है और फूल जल्दी आने लगते हैं।

सावन के लिए कनेर को ऐसे करें तैयार

अब जब सावन का पावन महीना चल रहा है, तो यही समय है अपने पौधों को एक्टिव करने का। सुबह-सुबह सूरज निकलने से पहले या शाम को इस खाद को जड़ में डालें और हल्का पानी दें। ध्यान रखें कि जरूरत से ज्यादा पानी न डालें। 3-5 दिन के अंदर ही फर्क दिखने लगेगा और कनेर की शाखाएं फूलों से सजने लगेंगी। शिव जी की पूजा में अब आपके पास अपने घर के ताज़ा और पवित्र फूल होंगे।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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