बच्चे के रंग-रूप या वजन पर कमेंट करना पड़ सकता है भारी, पेरेंट्स जरूर पढ़ें ये टिप्स

Parenting Tips: बच्चों के आत्मविश्वास को मज़बूत बनाना पैरेंट्स की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी होती है। उनकी रंगरूप यह शरीर पर की गई छोटी छोटी टिप्पणियाँ उनके मन में गहरी छाप छोड़ सकती है। इसलिए ज़रूरी है कि हम अपने शब्दों को सोच समझकर इस्तेमाल करें और बच्चों को ढेर सारा प्यार करें।
Parenting Tips

कई घरों में देखा जाता है कि लोग मज़ाक या प्यार बच्चों की रंग-रूप या वज़न पर कॉमेंट कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी इस छोटी सी बात या मज़ाक का बच्चों की मन और दिमाग़ पर क्या असर पड़ता है। जब बच्चे बार बार अपनी शकल-सूरत या शरीर को लेकर नेगेटिव बातें सुनते हैं, तो उनका आत्मविश्वास चूर-चूर हो जाता है।

वे हमेशा ख़ुदको दूसरों से कम समझने लगते हैं। ऐसे में उनके मन में दूसरे बच्चों के प्रति जलन और ईर्ष्या की भावना भी पैदा हो सकती है। ऐसे में हर माता-पिता की यह ज़िम्मेदारी बनती है, की भी कभी भी अपने बच्चों की रंगत हो या वज़न पर कमेंट न करें, न ही किसी और को करने देना चाहिए। आपका बच्चा जैसा भी है बहुत अच्छा है, किसी का कोई अधिकार नहीं है कि वह उसे बताए कि वह कैसा दिखता है।

बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए?

गलतियां या कमजोरियां नहीं गिनवानी चाहिए

बच्चों को बार बार उनकी गलतियां या फिर कमज़ोरियाँ नहीं गिनवाना चाहिए। बच्चों में जो भी खासियत है, उसके बारे में बातें करनी चाहिए। बच्चों की तारीफ़ करनी चाहिए, साथ ही साथ उन्हें ऐसा महसूस करवाना चाहिए, की जैसे भी है बेहद ख़ास है।

माहौल पॉज़िटिव बनाए रखें

घर का माहौल पॉज़िटिव बनाए रखना चाहिए। बच्चों को बार-बार उनकी कमज़ोरियों या फिर रंग-रूप पर कॉमेंट नहीं करना चाहिए। घर का माहौल ऐसा बनाए रखें, जिससे कि बच्चा ख़ुद को सुरक्षित महसूस करें। जब घर का माहौल पॉज़िटिव बना रहता है तो बच्चा आत्मविश्वास से भरपूर रहता है।

दूसरे बच्चों के साथ तुलना न करें

कभी भी अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों के साथ नहीं करना चाहिए। अक्सर घरों में देखा जाता है बच्चों की तुलना उनके भाई बहनों के साथ की जाती है। इस तरह की तुलना करने से ही बच्चों के मन में अपने ही भाई बहन के प्रति ग़ुस्सा भर जाता है। बच्चे अपने आपको कम समझने लगते हैं।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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