
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। किसी भी रिलेशनशिप (Relationship) में प्रेम, विश्वास और एक दूसरे के प्रति सम्मान होना बहुत जरुरी है। इसी के साथ एक दूसरे से अंडरस्टेंडिंग और मुश्किल वक्त में साथ देना भी आना चाहिए। लेकिन फिर भी कई बार कुछ रिश्तों में ऐसे मोड़ आ जाते हैं, जिसकी उम्मीद कोई नहीं करता। इन दिनों रिश्ते बहुत जल्दी टूटने लगे हैं। इसके पीछे कई कारण काम करते हैं, आज हम आपको ऐसी ही कुछ बातें बताने जा रहे हैं जो रिश्ते के लिए घातक हो सकती है।
Relationship tips : रिश्ते से जुड़े 11 सच, कठिन समय में आजमाइये
- इन दिनों कई रिलेशनशिप डीप इमोशन्स (emotions) की जगह कपल गोल्स (couple goals) के आधार पर चलती है। उन्हें पूरा करने के चक्कर में दोनों के बीच इमोशनल बॉन्डिंग नहीं बन पाती और रिश्ता बिखर जाता है।
- सब कुछ जल्दबाजी में हो रहा है। बिना साथ में अधिक वक्त गुजारे रिलेशनशिप में आ जाना, एक दूसरे के साथ अपने जीवन के सारे सीक्रट शेयर कर लेना, फिजिकल इंटीमेसी और इसी जल्दबाजी के क्रम में जल्दी ब्रेकअप (breakup) भी हो जाता है।
- इन दिनों सोशल मीडिया (social media) पर खुद को प्रोजेक्ट करने की इतनी चाह है कि असल जीवन के लिए उतनी कोशिशें नहीं होती, जितनी सोशल मीडिया पर अपनी फोटो या वीडियो डालने की होती है। कपल अगर कहीं साथ में डिनर करने गया है तो बजाय कि उस मूमेंट को इन्जॉय करने के, सेल्फी (selfie), खाने की फोटो या एंबियंस की तस्वीरें खींचने में ध्यान अधिक रहता है। यहां रील और रियल लाइफ में इतना अंतर है कि रिश्ता अधिक टिक ही नहीं पाता।
- जीरो प्रायवेसी (zero privacy) एक बड़ा कारण है रिश्ता ब्रेक होने का। लोगों में इतनी असुरक्षा है कि वो किसी भी चीज को प्राइवेट नहीं रख पाते, और ये उनके रिश्ते के लिए एक चुनौती बन जाता है।
- पार्टनर्स के बीच संवादहीनता (communication gap) की स्थिति सबसे खतरनाक है। अगर आप दोनों बात करनेे की बजाय अपने अपने फोन में लगे हैं या टीवी देख रहे हैं, तो ये एक रेड सिग्नल है।
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →

