Skin Care Tips: होली के रंगों से खराब हुई त्वचा पर फिर से आएगा ग्लो, आजमाएं ये घरेलू उपाय

Skin Care Tips: होली के रंगों से खराब हुई त्वचा पर फिर से आएगा ग्लो, आजमाएं ये घरेलू उपाय

Skin Care Tips: होली का त्योहार खत्म हो चुका है। यदि आप भी उन लोगों में से हैं, जो जमकर होली खेलना पसंद करते हैं। लेकिन बाद में रंगों के कारण डैमेज हुई स्किन को लेकर चिंतित हो जाते हैं, तो यह खबर आपके काम आ सकती है। अलग-अलग प्रकार के रंगों का इस्तेमाल होली के दौरान किया जाता है। जो बाद में त्वचा से संबंधित कई परेशानियों शुरू कर देते हैं। जिसमें जलन, दाने और स्किन ऐलर्जी भी शामिल हैं। आप घर पर इन परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं। इसके लिए कुछ घरेलू उपाय बेहद ही मददगार साबित होंगे।

शहद और दही का उपाय

होली खत्म होने के अगले दिन दही-शहद को चेहरे पर लगाना फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके लिए 1 कप दही में 2 चम्मच शहद और 2 चुटकी हल्दी मिलाकर चेहरे पर 15-20 मिनट के लिए लगा कर छोड़ दें। उसके बाद नॉर्मल पानी से चेहरे को धो लें। ऐसा करने से त्वचा में ग्लो आता है।

सनस्क्रीन आएगा काम

होली से खराब हुई त्वचा के लिए धूप बहुत ही हानिकारक बन जाती है। इसे कोशिश करें की जरूरी काम के समय ही बाहर निकले। दरअसल, धूप के कारण पानी  की कमी होती और स्किन और भी ज्यादा रूखी होने लगती है। इसके लिए आप सनस्क्रीन का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह आपके त्वचा को डैमेज वन से बचाएगा।

त्वचा को करें मॉइस्चराइज

कई चीजों के इस्तेमाल से होली के बाद त्वचा का मॉइस्चर कम होता है, जिससे स्किन रूखी हो जाती है। इससे बचने के लिए होली के बाद भी मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल कुछ दिनों तक लगातार करते रहें।

बर्फ का टुकड़ा

होली खेलने के बाद चेहरे पर ठंडा बर्फ का टुकड़ा रगड़ना बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसे चेहरे पर रगड़ने से स्किन का ब्लड सर्कुलेशन सही होता है। जिससे चेहरे पर चमक बढ़ती है।

Disclsimer: इस लेख का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता है। विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews