Spices For Summer: गर्मी में करें इन 5 मसालों का सेवन, शरीर को मिलेगी ठंडक, लू से होगा बचाव

गर्मी के मौसम कुछ मसालें आपके शरीर के लिए वरदान साबित हो सकते हैं। इन्हें डाइट में शामिल करके आप कई समस्याओं से खुद को बचा सकते हैं।
spices for summer

Spices For Summer: गर्मी में करें इन 4 मसालों का सेवन, शरीर को मिलेगी ठंडक, लू से होगा बचाव गर्मी के मौसम में पेट से संबंधित समस्याएं भी बढ़ जाती है। गैस, एसिडिटी, अपच जैसी बीमारियों से बचने के लिए लोग मसालों से दूरी बना देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है सभी मसलों की तासीर गर्म नहीं होती। भारतीय रसोई के कुछ मसाले ऐसे भी हैं, जो चिलचिलाती धूप में आपको अंदर से ठंडा रख सकते हैं। लू के खतरे को भी कम कर सकते हैं।

सौंफ (Fennel)

सौंफ का सेवन लोग माउथ फ्रेशनर के रूप में करते हैं। यह शरीर को ठंडक भी देता है। छाछ, लस्सी, जूस इत्यादि चीजों में मिलाकर आप इस मसाले का सेवन कर सकते हैं।

धनिया (Coriander)

धनिया पत्ती हो या साबुत धनिया के दाने शरीर के लिए दोनों ही लाभकारी माने जाते हैं। गर्मी के मौसम में यह शरीर के टेम्परचर को कम करने में मदद करता है। पाचन के लिए भी फायदेमंद होता है।

जीरा (Cumin Seeds)

जीरा कई सेहतमंद गुणों से भरपूर होता है। पेट के लिए इसे बेहद ही फायदेमंद माना जाता है। रोजाना सुबह एक गिलास जीरे का पानी आपको हेल्दी रखने में मदद करता है।

पुदीना (Mint)

ठंडक की बात में पुदीने का नाम आ ही जाता है। गर्मियों के यह आपके लिए बेहतर च्वाइस साबित हो सकता है। इसमें मौजूद मेन्थोल शरीर को ठंडा रखता है और लू से बचाता है।

दालचीनी (Cinnamon)

गर्मी के मौसम में आप दालचीनी को भी अपने डाइट में शामिल कर सकते हैं। यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी कंट्रोल करता है। सूजन को दूर करता है।

भूलकर भी न करें इन मसालों का सेवन

गर्मी के मौसम में कुछ मसालों का सेवन बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। इनका सेवन करना हानिकारक माना जाता है। शरीर को ठंडा रखने के लिए गर्मियों में काली मिर्च, लहसुन, अदरक और लाल मिर्च का सेवन बिल्कुल न करें।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता। विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews