
Valentine’s day 2024 : वैलेंटाइन वीक चल रहा है और फिज़ाओं में प्यार का रंग घुला हुआ है। इस सप्ताह का प्यार करने वाले साल भर इंतज़ार करते हैं। दुनियाभर में वैलेंटाइन डे और वीक को लेकर उत्साह रहता है। समय के साथ इसे मनाने के तरीके भी बदल गए हैं। लेकिन सालों पहले इस दिन को कैसे देखा जाता था और क्या परंपराएं निभाई जाती थीं, ये जानना दिलचस्प है। आज हम आपके लिए दुनियाभर में वैलेंटाइन डे और वीक को लेकर प्रचलित कुछ खास बातें लेकर आए हैं।
वैलेंटाइन डे से जुड़ी रोचक जानकारी
- इन दिनों वैलेंटाइन डे पर फूलों में सबसे ज्यादा गुलाब पसंद किए जाते हैं। लेकिन आपको बता दें कि गुलाब हमेशा वैलेंटाइन डे को लेकर पसंदीदा फूल नहीं थे। 19वीं शताब्दी में, गुलदस्ते में विभिन्न प्रकार के फूल होते थे और प्रत्येक को एक विशिष्ट अर्थ बताने के लिए चुना जाता था। University of Nevada लास वेगास में इतिहास की एसोसिएट प्रोफेसर और ‘मार्केट सेंटीमेंट्स मिडिल-क्लास मार्केट कल्चर इन 19वीं-सेंचुरी अमेरिका’ की लेखिका एलिजाबेथ व्हाइट नेल्सन का कहना है कि 19वीं सदी में फूल शब्दकोश (flower dictionaries) ने हर फूल को वर्गीकृत किया और अर्थ दिया। वह बताती हैं कि वैलेंटाइन डे के लिए ये विचार था कि आप एक गुलदस्ता दे सकते हैं जो सिर्फ फूलों का गुलदस्ता नहीं माना जाता था। इसमें हर फूल का कोई सांकेतिक अर्थ होता था।
- आज इन दिनों के लिए बाजार में तमाम तोहफे मौजूद हैं। लेकिन 18वीं और 19वीं शताब्दी में ‘Puzzle Purses’ इंग्लैंड और संयुक्त राज्य अमेरिका में लोकप्रिय वेलेंटाइन उपहार थे। इस ‘पहेली पर्स’ में कागज की एक मुड़ी हुई शीट होती थी जिसमें विभिन्न कोनों पर एक संदेश या छंद के कुछ हिस्से लिखे होते थे। आमतौर पर तहों को क्रमांकित किया जाता था ताकि जिसे मिला है उसे पता चले कि कैसे आगे बढ़ना है। एक भाग को खोलने से, पहेली का एक भाग प्रकट होता था। इसमें कभी-कभी केंद्र में कोई छोटा-सा उपहार भी छिपा रहता।
- जर्मनी में वैलेंटाइन डे वैलेंटाइनस्टैग (Valentinestag) के रूप में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद प्रचलित हुआ। तब से, जर्मनों ने वैलेंटाइन डे को अपने हिसाब से बदल दिया है। इसमें पहला है, वैलेंटाइन के उपहारों में सूअ को शामिल करना, जो जर्मनी में भाग्य का प्रतीक हैं। इसीलिए आज भी यहां सबसे लोकप्रिय वेलेंटाइन गिफ्ट सुअर-थीम वाले होते हैं। वहीं, जर्मन लोग वेलेंटाइन डे के लिए दिल के आकार की बड़ी जिंजरब्रेड कुकीज़ भी देते हैं, जिन्हें लेबकुचेन के नाम से जाना जाता है। इनमें कोई व्यक्तिगत संदेश भी शामिल हो सकता है।
- इक्वाडोर, अल साल्वाडोर और मैक्सिको सहित लैटिन अमेरिका के कुछ हिस्सों में 14 फरवरी सिर्फ प्रेमियों के लिए नहीं, बल्कि दोस्तों के लिए भी है। ये दिन यहां प्यार और दोस्ती का दिन के रूप में जाना जाता है। इसका मतलब दोस्ती को पहचानना और सम्मान देना है। अल साल्वाडोर में लोग इस दिन अमीगो सेक्रेटो, गुप्त मित्र के नाम से जानी जाने वाली परंपरा के अनुसार नाम निकालते हैं और उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं। 1980 के दशक में, एस्टोनिया और फिनलैंड ने 14 फरवरी को रोमांस के साथ-साथ आदर्श प्रेम और दोस्ती को पहचानना शुरू कर दिया था। कार्डों का आदान-प्रदान करने या रोमांटिक साथी के साथ बाहर खाने के लिए जाने के बजाय, इन दोनों देशों में लोग दोस्तों के साथ ऐसा करते हैं। एस्टोनिया में इस मित्र दिवस को सोब्रापेव कहते हैं वहीं फ़िनलैंड का मित्र दिवस Ystävän Päivä है।
- फिलीपींस में स्थानीय सरकारें उन जोड़ों की मदद करती हैं जो अपनी शादी का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। उनकी मदद के लिए वेलेंटाइन डे पर या उसके आसपास सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाता। 14 फरवरी 2010 को मनीला उपनगर में एक सामूहिक समारोह में 1,500 जोड़े शादी के बंधन में बंधे थे।
- जापान में, महिलाएं पारंपरिक रूप से पुरुषों को वेलेंटाइन चॉकलेट गिफ्ट करती हैं। कहा जाता है कि महिलाएं रोमांटिक भावनाओं को व्यक्त करने के लिए वेलेंटाइन चॉकलेट का उपयोग करती हैं। जानकारी के मुताबिक जापानी डिपार्टमेंट स्टोर्स ने 1970 के दशक में इस प्रथा को बढ़ावा दिया। इस दिन महिलाएं अपनी पसंद के पुरुष को तरह-तरह की चॉकलेट देती हैं। होनमेई चोको, जिसका अर्थ है सच्ची भावनाओं वाली चॉकलेट, पुरुषों की रोमांटिक रुचियों पर केंद्रित है। गिरी चोको का अर्थ है दायित्व चॉकलेट, जो पुरुष सहकर्मियों या सहपाठियों को पेश की जाती है। टोमो चोको यानी दोस्त चॉकलेट जो किसी भी दोस्त के पास जा सकती है जिसमें महिला मित्र भी शामिल हो सकती हैं।
(डिस्क्लेमर : ये लेख विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त जानकारियों पर आधारित है। हम इसे लेकर किसी तरह का दावा नहीं करते हैं।)
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →

