चेहरे के लिए क्या है BB ग्लो ट्रीटमेंट और कैसे बनाता है यह चेहरे को सुंदर? जाने यहाँ

चेहरे के लिए क्या है BB ग्लो ट्रीटमेंट और कैसे बनाता है यह चेहरे को सुंदर? जाने यहाँ

जीवनशैली, डेस्क रिपोर्ट। आजकल अलग-अलग तरीके चेहरे को सुंदर बनाने के लिए आ चुके है। जिनमें से एक है BB Glow Treatment। इसकी उत्पत्ति कोरिया से हुई। कोरिया अपने ब्यूटी तकनीक के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यह चेहरे को पर्मानेंट खूबसूरती देता है। बीबी ग्लो सीरम आपकी त्वचा में पोषक तत्वों के साथ-साथ आपके मनचाहे रंग को भी आपकी स्किन पर जोड़ने का काम करता है। इससे कम झाइयां, चमकदार त्वचा, त्वचा का रंग, यहां तक कि त्वचा की रंगत, और झुर्रियां भी कम नजर आती है। इस मेथड में चेहरे पर विशेष सुई का प्रयोग होता है। इसके 2 या 3 सेशन के बाद रिजल्ट्स नजर आते हैं।

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लेकिन विशेषज्ञों की माने तो इसके कई नुकसान भी होते है। तो आइए जाने आपको क्यों इस ट्रीट मेंट से दूरी रखनी चाहिए।

  • पहले यह जान लें की इसके कई दुष्प्रभाव होते है। जैसे की रूखापन, सूजन, Rashes इत्यादि। यदि आप इस ट्रीटमेंट को एक्सपर्ट से नहीं करवाते है तो आपके चेहरे पर निशान भी रह सकते हैं।
  • इस ट्रीटमेंट में जो बोला जाता है वैसा हो इसकी कोई गारंटी नहीं होती। सुई की सहायता से चेहरे के चारों ओर घुमाया कर पिग्मेंट किया जाता है। यह पर्मानेन्ट हो इसके भी चांस कम होते है तो अपने चेहरे को खतरे में डालना आपके लिए बुरा भी साबित हो सकता है। 
  • हर किसी को अपने स्किन को स्वस्थ बनाना चाहिए ना की सुंदर। क्योंकि यदि स्किन स्वस्थ होगा तभी सुंदर भी होगा। 

Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल शिक्षित करना है। कृपया कोई भी कदम उठाने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।         

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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