
भारत के हर गांव में आमतौर पर कुआं जरूर होता है, जो लोगों की प्यास बुझाने के साथ-साथ खेती में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान निभाता है। हालांकि आजकल लोग घर पर ही वॉटर प्यूरीफायर लगवा रहे हैं, जिस वजह से कुएं का इस्तेमाल काफी हद तक कम हो चुका है। लेकिन अभी भी कई गांव ऐसे हैं जहां लोग कुएं का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका पानी बहुत ही साफ और शीतल होता है। इसकी खास बात यह है कि गर्मी के दिन में इसका पानी एकदम ठंडा रहता है, इसके आगे फ्रिज का पानी भी फेल है। तो वहीं ठंड के मौसम में कुएं का पानी एकदम गरम रहता है।
अनेक खासियतों से भरा कुआं आमतौर पर हर किसी ने अपने जीवन काल में देखा ही होगा। इसे देखकर क्या आपके मन में कभी यह सवाल उठा कि आखिर कुएं को हमेशा गोल ही क्यों बनाया जाता है? इसे चौकोर या तिकोने आकार क्यों नहीं दिया जाता?
जानें लॉजिक
दरअसल, इसके पीछे एक बहुत बड़ा लॉजिक छुपा हुआ है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि गोल आकार मजबूत होने के साथ-साथ पानी के दबाव को बर्दाश्त कर पाता है। ऐसे में यदि कुएं को चौकोर या तिकोने आकार में बनाया जाएगा, तो कोनों पर अधिक दबाव पड़ेगा। क्योंकि जब जमीन के अंदर खुदाई की जाती है और यह काफी गहरी होती है, तो चारों तरफ से मिट्टी और पत्थर का दबाव कुएं की दीवारों पर पड़ने लगता है। ऐसे में उसके टूटने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। इसीलिए कुएं को हमेशा गोल आकार दिया जाता है, ताकि इसकी दीवारें अधिक टिकाऊ और मजबूत बनी रहें।
पानी निकालना है आसान
पानी निकालने और सफाई में भी गोल कुआं सबसे बेहतरअक्सर कुएं में लोग बाल्टी डालकर पानी निकालते हैं। इसके लिए वह रस्सी का भी इस्तेमाल करते हैं। गोल आकार के कुएं से बाल्टी डालकर पानी निकालना बेहद आसान होता है। इसी कारणवश लोग सदियों से गोल कुएं ही बनाते आए हैं।
जल्दी होती है साफ-सफाई
इस आकार का कुआं लंबे समय तक टूटता नहीं है। इसका आकार गोल होने के कारण इसकी सफाई भी बहुत ही आसानी से हो जाती है। इसमें जमी गंदगी बहुत ही इजीली वे में हटाई जा सकती है। लेकिन तिकोना या चौकोर होने पर कुएं की सफाई भी पॉसिबल नहीं है, जिससे पानी प्रदूषित हो सकता है और इसे पीकर लोग या जानवर या पक्षी गंभीर बीमारी के शिकार हो सकते हैं। स्वास्थ्य के लिए भी इसका आकार गोल होना बहुत ही महत्वपूर्ण है।
आप भी जरूर देखें
वैसे तो आम तौर पर हर किसी ने कहीं ना कहीं कुआं जरूर देखा होगा। लेकिन यदि आपने अभी तक नहीं देखा है कुआं, तो एक बार अवश्य आपको इसे देखना चाहिए। यह पुराने जमाने के लोगों का एक महत्वपूर्ण अविष्कार ही माना जा सकता है, जब लोग जमीन की खुदाई करके पानी निकालते थे। कई सारे रेस्टोरेंट में आपको आर्टिफिशियल कुआं बना हुआ देखने को मिल जाएगा, जो कि विलेज टूरिज्म को बढ़ावा देने का एक तरीका माना जाता है।
(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

