क्या आप जानते हैं! सुबह के समय बढ़ जाती है हमारी हाइट, जानिए इसका विज्ञान और इतिहास से जुड़ा दिलचस्प वाकया

एक अध्ययन में पाया गया है कि हमारे शरीर के कद में दिनभर के दौरान उतार-चढ़ाव होता है और यह वृद्धि मुख्य रूप से रीढ़ की हड्डी पर दबाव के कारण होती है। अमेरिकन अकादमी ऑफ ऑर्थोपेडिक सर्जन्स के अनुसार, रीढ़ की डिस्क्स में पानी का अवशोषण और उसकी फैलाव प्रक्रिया सुबह के समय हमारी हाइट को थोड़ा बढ़ा सकती है। हालांकि ये वृद्धि अस्थायी होती है और सुबह उठने के बाद अपने रोजमर्रा के काम करने के दौरान शरीर का कद फिर वही हो जाता है।
height increase in the morning

Why You’re Taller in the Morning : अगर आपको पता चले कि आप आमतौर पर सुबह के समय शाम की तुलना में थोड़े लंबे होते हैं तो इसे लेकर क्या कहेंगे। ये बात पूरी तरह सच है और इसकी वजह है हमारे शरीर में पानी की कमी और रीढ़ की हड्डी का संकुचन। रात के समय जब हम सोते हैं, हमारी रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम होता है और डिस्क (hyaline cartilage) में पानी भर जाता है। इस कारण हमारी हाइट थोड़ी बढ़ जाती है। वहीं सुबह उठने के बाद जब हम खड़े होते हैं तो रीढ़ की हड्डी संकुचित हो जाती है और शरीर का कद फिर से सामान्य हो जाता है।

इस प्रक्रिया को “spinal decompression” कहा जाता है। स्पाइनल डिकम्प्रेशन में रीढ़ की हड्डी की ऊंचाई अस्थायी रूप से बढ़ सकती है, लेकिन इससे व्यक्ति की लंबाई बढ़ने की संभावना नहीं होती है। दरअसल, रात के दौरान जब हम सोते हैं तो गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव कम होता है और हमारी रीढ़ की डिस्क्स में पानी का अवशोषण होता है जिससे हमारी हाइट में थोड़ी वृद्धि हो जाती है। हालांकि, यह वृद्धि अस्थायी होती है और दिनभर के दौरान जब हम खड़े होते हैं या अपनी सामान्य गतिविधियाँ करते हैं तो रीढ़ पर दबाव पड़ता है और हमारी हाइट सामान्य रूप से घट जाती है। इसीलिए ये कद की ये वृद्धि स्थायी नहीं होती है।

सुबह के समय क्यों बढ़ती है हमारी Height

सुबह के समय हमारी हाइट थोड़ी बढ़ जाती है और इसका कारण हमारे शरीर की संरचना और रीढ़ की हड्डी पर पड़ने वाले दबाव से जुड़ा हुआ है। यह प्रक्रिया प्राकृतिक होती है और दिनभर के दौरान घटती रहती है। हमारी रीढ़ की हड्डी में 33 हड्डियाँ होती हैं, जिनके बीच में डिस्क्स (hyaline cartilage) होती हैं। यह डिस्क्स हमारे शरीर में लचीलापन और कुशनिंग का काम करती हैं। रात के समय जब हम सोते हैं, हमारी रीढ़ पर दबाव नहीं पड़ता और हम पूरी तरह से विश्राम की स्थिति में होते हैं। इस दौरान, डिस्क्स में पानी भर जाता है जिससे इनकी ऊँचाई बढ़ जाती है। इसका परिणाम यह होता है कि हमारी हाइट सुबह के समय कुछ अधिक होती है।

हमारी रीढ़ की हड्डी प्राकृतिक रूप से कुछ वक्र (curves) बनाती है, जैसे किफोसिस (thoracic curve) और लोरडोसिस (lumbar curve)। इन वक्रों का आकार और स्थिति हमारे शरीर के वजन, पोस्चर और गतिविधियों पर निर्भर करते हैं। जब हम खड़े होते हैं या दिनभर की गतिविधियाँ करते हैं तो ये वक्र अधिक तीव्र हो सकते हैं, जिससे हड्डियाँ एक-दूसरे के करीब आ जाती हैं और हमारी हाइट घट जाती है। लेकिन जब हम रात को सोते हैं और आराम करते हैं तो हमारी रीढ़ की हड्डी अपने प्राकृतिक स्थिति में वापस आ जाती है, जिससे थोड़ी वृद्धि देखने को मिलती है।

कितनी हाइट बढ़ती है 

विभिन्न अध्ययनों में पाया गया है कि सुबह के समय हमारे शरीर का कद रात के मुकाबले लगभग 1 से 2 सेंटीमीटर तक बढ़ सकता है। इस प्रक्रिया को “spinal decompression” कहा जाता है, जो रातभर के आराम से रीढ़ की हड्डी के बीच के दबाव को कम करती है। लेकिन यह दिन के अंत तक सामान्य रूप से वापस आ जाता है। सुबह के समय जब हम सोकर उठते हैं और खड़े होते हैं तो इन डिस्क्स पर दबाव शुरू हो जाता है, जिससे ये वापस अपने सामान्य आकार में लौट आती हैं और हाइट फिर से सामान्य हो जाती है। इसीलिए यह वृद्धि अस्थायी होती है और दिनभर की गतिविधियों के बाद सामान्य हो जाती है। लंबे समय तक खड़े रहने, बैठने या भारी वजन उठाने से रीढ़ पर दबाव पड़ता है जो हमारी हाइट को कम कर देता है।

इतिहास में कद और सुबह के समय का महत्व

इस तथ्य के साथ ही आपको एक दिलचस्प जानकारी और देते हैं। मध्यकालीन फ्रांस में लंबा दिखने के लिएर सुबह का समय सबसे उपयुक्त माना जाता था। यही वजह थी कि सेना में भर्ती होने के लिए अक्सर लोग सुबह सबसे पहले आवेदन करते थे, ताकि उनका कद ऊँचा दिखाई दे। ये बात बताती है कि पुराने समय में भी लोग जानते थे कि सुबह के समय हमारी हाइट कुछ बढ़ी हुई होती है और इसका इस्तेमाल वे अपने लाभ के लिए भी किया करते थे।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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