ऑटो को मिनी मोबाइल एम्बुलेंस बनकर कर रहे कोरोना मरीजों की सेवा

ऑटो को मिनी मोबाइल एम्बुलेंस बनकर कर रहे कोरोना मरीजों की सेवा

इंदौर, आकाश धौलपुरे।  कोरोना काल (Corona Crisis) में जहां कालाबाजारी और आवश्यक किराना वस्तुओं के विक्रय में लूट पाट मची हुई है वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो निस्वार्थ भाव से सेवा करने में जुटे है। इंदौर में एक सामाजिक संगठन श्री हरि पूर्वी निसोदे संस्था द्वारा ऑटो रिक्शा में तैयार मिनी मोबाइल एम्बुलेंस (Mini Ambulance)  के जरिये शहरवासियों को अत्यावश्यक और बेहद जरूरी सेवा निःशुल्क तौर पर मुहैया कराई जा रही है। सेवा के ध्येय को लेकर शुरू की गई सेवा को अब पुलिस का सहारा मिल गया है वहीं प्रशासन को भी अनूठी सेवा के बारे में सूचना दे दी गई है।

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दरअसल, मिनी मोबाइल एम्बुलेंस (Mini Ambulance)के जरिये इंदौर में 50 रिक्शा चलाये जा रहे है जिनमें कोरोना पेशेंट को एक फोन पर अस्पताल ले जाया जाता है। इसके लिए 4 ऐसे रिक्शा भी तैयार किये गए हैं जिन्हें आपात सेवा के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इन 4 रिक्शा में कोरोना पेशेंट के ऑक्सीजन (Oxygen) की सुविधा भी उपलब्ध है ताकि इमरजेंसी में मरीजों को ऑक्सीजन देकर उनकी जान बचाई जा सके इसके लिए बकायदा रिक्शा चालकों को ट्रेनिंग भी दी गई है। कोरोना काल में ये सभी 50 रिक्शा मिनी मोबाइल एम्बुलेंस  (Mini Ambulance)के रूप में दिनभर में बड़ी संख्या में लोगों की मदद कर उन्हें अस्पताल पहुंचा रहे है।

इंदौर पुलिस द्वारा रिक्शा चालकों को मास्क, सेनेटाइजर और पीपीई किट भी उपलब्ध करवाई है ताकि रिक्शा चालक कोरोना संक्रमण का शिकार न हो। एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि संकट के इस दौर में श्री हरि पूर्वी निसोदे संस्था द्वारा किया जा रहा सेवाकार्य बेहद सराहनीय है और पुलिस भी रिक्शा चालकों को हरसंभव मदद कर रही है।
इधर, श्री हरि पूर्वी निसोदे संस्था के संचालक राकेश निसोदे ने बताया कि जरूरतमंद लोगों  की सेवा करना एक लक्ष्य है और उनके साथ कोरोना की पहली लहर से सेवा कर रहे रिक्शा चालक जुड़े हैं जिनका मकसद सिर्फ विपरीत परिस्थितियों में लोगों की मदद करना है।

वहीं रिक्शा चालक अब्दुल क़य्यूम अंसारी ने बताया कि ये समय मानवता की सेवा का है और उनके पास 24 घण्टे में जब भी फोन आता है वो तुरंत मरीज के घर पहुंचकर सीधे अस्पताल ले जाते है ताकि मरीज को सही समय पर इलाज मिल सके। अच्छी बात ये है कि मानवता की मिसाल पेश कर रहे इन अनूठे प्रयोग की तारीफ हर कोई कर रहा है वही पीड़ित परिजन तो रिक्शा चालकों को दुआएं दे रहे है। निश्चित ही इन लोगों का ये काम दूसरों के लिए प्रेरणा का काम करेगा।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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