मुख्यमंत्री ने ली किसान मंच के पदाधिकारियों के साथ बैठक, लिए कई महत्वपूर्ण फैसले।

मुख्यमंत्री ने ली किसान मंच के पदाधिकारियों के साथ बैठक, लिए कई महत्वपूर्ण फैसले।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान मंच के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में किसान कल्याण अहम मुद्दा रहा। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों से ना केवल किसान कल्याण के लिए सुझाव लिए बल्कि उनके जल्द क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों को निर्देश भी दिए है।

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किसानों को जिस समस्या का मुख्य रूप से सामना करना पड़ता है वह है बिजली इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि “पर्याप्त बिजली की आपूर्ति के लिए 24 हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की गई है। शिविरों के माध्यम से विद्युत प्रदाय और विद्युत देयकों की त्रुटियों से जुड़ी शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए।” इसके अलावा काम में लापरवाही के चलते मुख्यमंत्री ने विद्युत कर्मचारी को जेल भिजवाने के निर्देश भी दिए।

शिवराज ने ऊर्जा विभाग को निर्देश दिया ” किसानों को कृषि कार्य के लिए अधिकतम सुविधाएं ऊर्जा विभाग की तरफ से दी जाएं। रबी फसलों के लिए पर्याप्त विद्युत प्रदाय, ट्रांसफार्मर को ओवरलोड से बचाने, बिगड़े ट्रांसफार्मर ठीक करवाने विभागीय अमला मुस्तैदी से कार्य करता रहे।

अनाज की गुणवत्ता और अनाज बीनने बचाने वाली महिलाओं को लेकर शिवराज ने कहा कि ” प्रदेश की सभी मंडियों में आने वाले अनाज और अन्य सामग्री की गुणवत्ता को देखने के लिए टेस्टिंग मशीनें स्थापित की जाएंगी। अनाज को बीनने व छानने का कार्य करने वाली बहनों को हम्मालों की तरह लायसेंस देने अथवा उनका पंजीयन कर अलग श्रेणी प्रदान की जाएगी।” इसके अलावा लापरवाही के चलते और शिकायतों के आधार पर शिवराज ने बीनागंज कृषि उपज मंडी के सहायक उप निरीक्षक को निलंबित करने के निर्देश दिए।

चौहान ने बैठक में यह भी बताया कि राजस्व जागरूकता और राजस्व त्रुटियों को लेकर जल्द ही प्रदेश में एक अभियान शुरू किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में नामातंरण और अन्य कार्यों को कम समय में पारदर्शी ढंग से किया जा रहा है, प्रदेश में राजस्व संबंधी कार्यों के तेजी से निपटारे की व्यवस्था की गई है। सायबर तहसील की अभिनव व्यवस्था की गई है।

मिलावटखोरों को चेतावनी देते हुए शिवराज में कहा कि दुग्ध पदार्थों में मिलावट करने वालों और इस कार्य को बढ़ावा देने वाले दोषियों के विरुद्ध सख्त अभियान चलाया जाएगा। बाजार में बिकने वाले मावे और पनीर की गुणवत्ता यदि संदिग्ध होती है, तो कार्रवाई की जाएगी।

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