
Dindori News : कहते हैं माता- पिता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता और डॉक्टर से बड़ा कोई भगवान नहीं होता लेकिन आजकल इस कलियुग में लोगों की इंसानियत मरती नजर आ रही है। खासकर वहां, जहां गरीबों को इलाज के लिए ना जाने किस दुख से गुजरना पड़ता है। इसका एक ताजा मामला मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले से सामने आया है। जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की हर बेटी को लाडली का दर्जा देते हैं। ऐसे में एक मासूम बच्ची अपने पिता को कंधे में लेकर इलाज के लिए दर- दर भटकती नजर आई। जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी ही तेजी से वायरल हो रहा है जो कि उसकी बेबशी को दर्शा रहा है। आइए जानें पूरा मामला…
लड़की की लाचारी
दरअसल, एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें लड़की की लाचारी साफ नजर आ रही है। गरीबी के कारण उसके घर में अनाज नहीं है और पिता गंभीर रुप से बीमार है। इसके लिए उन्होंने डिंडौरी कलेक्टर से गुहार लगाई तो उन्होनें जबलपुर भेज दिया गया। जिन्हें कंधे में लेकर बेटी जबलपुर अस्पताल पहुंची लेकिन वहां उन्हें 4 दिनों तक भरी ठण्ड में पेड़ के नीचे बैठा के रखा गया और किसी प्रकार की कोई मदद नहीं दी गई और न ही इलाज हुआ।
[dgv_vimeo_video id=”795162121″]
मामले में लड़की के पिता ने बताया कि उन्हें कलेक्टर द्वारा जबलपुर के अस्पताल भेजा गया था लेकिन वहां उन्हें चार दिन पेड़ के नीचे छोड़ दिया गया पर इलाज नहीं किया गया।
डिंडौरी विधायक आए सामने
वहीं, पूर्व कैबिनेट मंत्री व डिंडौरी कांग्रेस विधायक ओमकार मरकाम ने मामले में दखल दिया। जिसके बाद गैंगरीन बीमारी से ग्रसित शिव बनवासी को अस्पताल में किया गया भर्ती। विधायक के इस कदम के बाद लोगों का विश्वास भी उनपर दोगुना हो गया है। इस घटना के बाद बेटी को खुब सराहा जा रहा है। इधर, इस वारदात के बाद से राज्य सरकार के सिस्टम पर कई प्रकार के सवाल उठने लगे हैं।
मुख्यमंत्री @ChouhanShivraj के राज मे एक बेटी को अपने पिता को पीठ मे लेकर दर-दर भटकना पड़ रहा है,डिंडोरी कलेक्टर से गुहार लगाई तो जबलपुर भेज दिया गया,4 दिन वहा भरी ठण्ड मे पेड़ के नीचे बैठा के रखा गया और कोई मदद न मिली न ही ईलाज हुआ.1/3 pic.twitter.com/AAcuUBP0bG
— Omkar singh markam (@IncOmkarSingh) February 2, 2023
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

