Gwalior : NSUI ने सिंधिया के लिए दिये पीले चावल, कहा आइये उतरिये सड़कों पर

ज्योतिरादित्य सिंधिया

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। अतिथि विद्वानों को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) और कमलनाथ (Kamalnath) के बीच हुई सियासत का जो परिणाम निकला आज वो सबके सामने है। सिंधिया (Scindia) ने सड़क पर उतरने के बात कही थी तो कमलनाथ (Kamalnath)ने कहा उतर जाएं सड़क पर, और फिर सिंधिया ने कांग्रेस की सरकार को ही पटरी से उतार दिया। अब एक बार अतिथि विद्वानों को लेकर सियासत शुरू हुई है। कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने सिंधिया (Scindia)को पीले चावल देकर अनुरोध किया है कि वे सड़क पर आयें और अतिथि विद्वानों को नियमित करवाएं।

कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने आज एक अनौखा प्रदर्शन किया। छात्र नेताओं ने ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को उनका वादा और बयान याद दिलाने के लिए जय विलास पैलेस के गेट के बाहर पीले चावल लेकर प्रदर्शन किया। NSUI के जिला अध्यक्ष शिवराज यादव ने कहा कि भाजपा (BJP) की छात्र इकाई ABVP भले ही अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण का विरोध कर रही है लेकिन NSUI शुरू से अतिथि विद्वानों के साथ है।

हम चाहते हैं कि इन्हें नियमित किया जाए। उन्होंने कहा कि आज हम ज्योतिरादित्य सिंधिया को याद दिलाने आये हैं कि इन्हीं अतिथि विद्वानों को लेकर उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ से बगावत की थी। लेकिन भाजपा में जाकर वे अपना वादा भूल गए इसीलिए हम पीले चावल देकर उनसे अनुरोध करने आये हैं कि वे आये और अतिथि विद्वानों के लेते सड़क पर उतरें। NSUI ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के घेराव की भी बात कही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan)और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) रविवार को एक दिवसीय प्रवास पर ग्वालियर आ रहे हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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