Gwalior News : जीवाजी विश्वविद्यालय के न्यूरो साइंस भवन में आग, स्टूडेंट्स को बाहर निकाला,बड़ा हादसा टला

जीवाजी विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन के पास बने न्यूरो साइंस डिपार्टमेंट की बिल्डिंग में आज अचानक AC का कम्प्रेसर फट गया और वहां आग लग गई, आग लगने से अफरातफरी मच गई, आग में लैब के सामान जलकर खाक हो गया है
Fire in JU Gwalior

Gwalior News : जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के न्यूरो साइंस भवन की बिल्डिंग में आग लगने से हडकंप मच गया, यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने तत्काल फायर ब्रिगेड को फोन किया , मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने मशक्कत कर आग पर काबू पाया, घटना के समय स्टूडेंट्स डिपार्टमेंट में थे जिन्हें बाहर निकाल दिया गया और बड़ा हादसा टल गया, आग लगने की वजह वहां लगे एसी का कम्प्रेसर फटना बताई जा रही है।

न्यूरो साइंस भवन में आग, AC का कम्प्रेसर फटने से हुई घटना 

जीवाजी विश्वविद्यालय के न्यूरो साइंस डिपार्टमेंट की बिल्डिंग में आज एक बड़ा हादसा टल गया, बिल्डिंग के एक भाग में न्यूरो साइंस डिपार्टमेंट है जबकि अन्य भाग में बायोटेक डिपार्टमेंट है जहाँ स्टूडेंट्स के प्रेक्टिकल चल रहे थे, अचानक न्यूरो साइंस की लैब में लगा AC का कम्प्रेसर फट गया और आग लग गई।

आग लगने से मची अफरा-तफरी, स्टूडेंट्स को बाहर निकाला   

आग की सूचना लगते ही बिल्डिंग में अफरा तफरी मच गई, डिपार्टमेंट में काम बंद कर सभी बाहर की तरफ भागे और आग बुझाने के प्रयास किया, फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, इसी समय वहां से निकल रहे नगर निगम के फायर ब्रिगेड के नोडल अधिकारी अतिबल सिंह यादव ने घटनाक्रम देखा और तत्काल स्टाफ बुलाया और आग पर काबू करना शुरू किया।

लैब को हुआ नुकसान, बड़ा हादसा टला 

आग बुझाने में 6 से ज्यादा गाड़ियाँ लगी और मशक्कत के बाद आग पर काबू  लिया गया, अच्छी बात ये रही कि आग में कोई जनहानि नहीं हुई, न्यूरो साइंस डिपार्टमेंट की लैब का सामान जल गया  लेकिन एक बड़ा हादसा टल गया।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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