Gwalior News : बेख़ौफ़ तस्कर एक्टिवा पर बेच रहा था मादक पदार्थ, एक लाख की स्मैक बरामद, गिरफ्तार

Gwalior News : बेख़ौफ़ तस्कर एक्टिवा पर बेच रहा था मादक पदार्थ, एक लाख की स्मैक बरामद, गिरफ्तार

Gwalior News : ग्वालियर पुलिस ने नशे के सौदागर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक लाख रुपये की स्मैक बरामद की है, आरोपी एक्टिवा पर घूमकर स्मैक बेच रहा था।  एक जगह वो ग्राहक के इंतजार में था तभी पुलिस ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया, पुलिस को उसके कब्जे से एक इलेक्ट्रोनिक तौल कांटा भी मिला है, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

ग्वालियर पुलिस के क्राइम ब्रांच थाने और ग्वालियर थाने ने संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए एक स्मैक तस्कर को पकड़कर उसके कब्जे से लगभग एक लाख रुपये कीमत की 10.60 ग्राम स्मैक की जब्त की है, पुलिस को मुखबिर के जरिये सूचना मिली थी कि काले रंग की एक्टिवा पर सवार एक व्यक्ति थाना ग्वालियर क्षेत्र में तानसेन नगर के पास स्मैक बेचने की कोशिश में घूमते हुए देखा गया है।

मुखबिर की सूचना एसपी राजेश सिंह चंदेल तक पहुंची उन्होंने एडिशनल एसपी (IPS) ऋषिकेश मीणा और डीएसपी क्राइम (IPS) षियाज़ केएम को क्राइम ब्रांच थाने और ग्वालियर  थाने की संयुक्त टीम बनाकर तस्कर को पकड़ने के निर्देश दिए, अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की संयुक्त टीम को रमटा पुरा पुल के पास वाहन चेकिंग के लिए लगाया गया।

पुलिस टीम को कुछ समय बाद तानसेन नगर की तरफ से एक काले रंग की एक्टिवा पर सवार व्यक्ति आता दिखा, जिसने पुलिस को देखकर एक्टिवा मोड़कर भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया। पकड़े गये व्यक्ति ने खुद  को भैरव संतर मुरार, ग्वालियर का रहने वाला बताया।

पकड़े गये संदिग्ध की तलाशी लेने पर उसकी जेब से एक सफेद रंग का थैला मिला जिसके अन्दर पीले रंग की पॉलीथिन व एक छोटा इलेक्ट्रोनिक तौल कांटा मिला। पीले रंग की पॉलीथिन को खोलकर देखने पर उसमें स्मैक रखी हुई मिली। स्मैक की तौल कराने पर कुल 10.60 ग्राम स्मैक थी जिसकी कीमत लगभग 01 लाख रुपये की पाई गई, पुलिस ने ग्वालियर थाने में तस्कर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया, पुलिस आरोपी से स्मैक के संबंध मे पूछताछ कर रही है।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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