हिन्दू महासभा ने दिया गोडसे-आप्टे भारत रत्न सम्मान, वीडी शर्मा ने कही बड़ी बात

हिन्दू महासभा ने दिया गोडसे-आप्टे भारत रत्न सम्मान, वीडी शर्मा ने कही बड़ी बात

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर देश उन्हें नमन कर रहा है लेकिन हिन्दू महासभा (Hindu Mahasabha) इस दिन को गांधी(Mahatma Gandhi) के हत्यारे नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे (Nathuram Godse Narayan apte) की गिरफ़्तारी पर शोक स्मृति दिवस मना रही है।  खास बात ये है कि हिन्दू महासभा ने गोडसे और आप्टे की याद में गोडसे-आप्टे भारत रत्न सम्मान शुरू किया और विवादित संत कालीचरण सहित पांच लोगों को ये सम्मान दिया। हिन्दू महासभा के इस कार्यक्रम पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है।

हिंदू महासभा ने आज 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किये गए नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे की याद में शोक स्मृति दिवस मनाया। इस मौके पर हिंदू महासभा ने पांच लोगों को गोडसे आप्टे भारत रत्न सम्मान भी दिया। हिन्दू महासभा ने पार्टी कार्यकर्ता किशोर माहौर, आनंद माहौर, पवन माहौर और नरेश बाथम को गोडसे आप्टे भारत रत्न सम्मान दिया। पार्टी ने विवादित संत कालीचरण को भी गोडसे आप्टे भारत रत्न दिया, उनका सम्मान पार्टी पदाधिकारी प्रमोद लोहपात्रे को दिया गया जो इसे संत कालीचरण तक पहुंचाएंगे।

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हिंदू महासभा के इस कार्यक्रम पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (BJP State President VD Sharma) का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, कोई कुछ भी कर सकता है लेकिन रोड पर खड़े होकर कोई किसी को भारत रत्न दे दे तो क्या उसे भारत रत्न मिल जायेगा? अरे भारत रत्न देने की अपनी एक व्यवस्था है। क्या हम और आप किसी को भारत रत्न दे सकते हैं? उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा गांधी जी का सम्मान किया है। प्रधानमंत्री मोदी ही गांधी के सपने को पूरा कर रहे हैं। बाकी ऐसे लोग तो गांधी का नाम लेकर अपनी राजनीति कर रहे हैं।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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