60 घंटे के लॉकडाउन से पहले डरावनी तस्वीरें- सड़कों पर जनसैलाब, नो सोशल डिस्टेंसिंग

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ग्वालियर, अतुल सक्सेना। प्रदेश (Madhya Pradesh) में बढ़ते कोरोना संक्रमण (Coronavirus) को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने पूरे प्रदेश में शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा की है। मुख्यमंत्री की घोषणा का असर ये हुआ कि लोगों ने लॉकडाउन से पहले सड़कों पर उतरकर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा दी। बाजारों का हाल ये हो गया जैसे कोई मेला लगा हो।

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प्रदेश के दूसरे जिलों की तरह ही ग्वालियर (Gwalior) में भी शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक 60 घंटों का लॉकडाउन प्रभावी रहेगा। इस साल के पहले लॉकडाउन का भय ग्वालियर के लोगों के चेहरे और कार्यशैली में दिखाई दिया। लोग शुक्रवार को सुबह से ही बाजारों और सब्जी मंडी की तरफ उमड़ पड़े और अपनी जरूरत के हिसाब से 60 घंटे के लिए जरूरी चीजें स्टॉक करने लगे।

शुक्रवार को सोशल मीडिया (Social Media) पर ग्वालियर के बाजारों और सब्जी मंडी की जो तस्वीरें वायरल हुई वे बेहद डरावनी हैं। प्रमुख व्यापारिक केंद्र महाराज बाड़े की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर वाहनों की लंबी लंबी कतारें थी, भीड़ का यही आलम सब्जी मंडियों का था । लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) और मास्क लगाने जैसे अहम नियम का ही ध्यान नहीं रखा। खास बात ये है कि पिछले कुछ दिनों से चालानी कार्रवाई कर रहा प्रशासनिक अमला भी यहाँ नजर नहीं आया।

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बहरहाल लॉकडाउन से पहले यह भीड़ की ये तस्वीरें डराने वाली हैं। यदि इस भीड़ में कोई संक्रमित व्यक्ति हुआ तो वो ना जाने कितनों को संक्रमित करेगा। समझदारी इसी में है कि पैनिक ना हो, बहुत जरूरी हो तो ही घर से निकलें, मास्क लगाएं दूसरों को मास्क लगाने की सलाह दे, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें। क्योंकि सुरक्षा ही बचाव है।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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