Jabalpur News : जमीनी विवाद में डबल मर्डर से सनसनी, आरोपी फरार

Jabalpur News : जमीनी विवाद में डबल मर्डर  से सनसनी, आरोपी फरार

जबलपुर, संदीप कुमार। तिलवाराघाट के बाद अब गोसलपुर में मामूली बात को लेकर एक किसान की धारदार हथियार से हत्या (Murder) कर दी गई, इस घटना में किसान की पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गई जिसकी भी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत।  घटना की वजह खेत में लगाई जा रही बाड़ी बताई जा रही है, इधर वारदात को अंजाम देने के बाद से आरोपी मौके से फरार हो गए हैं जिनकी गोसलपुर थाना पुलिस तलाश कर रही है।

जमीनी विवाद बना हत्या की वजह

गोसलपुर थाना पुलिस के मुताबिक रामनगर निवासी लाला कोल का गांव में ही खेत है शुक्रवार की रात वह अपनी पत्नी वर्षा के साथ खेत में बॉडी लगा रहा था, लाला के खेत से बाजू में ही दीपू कोल का भी खेत है इस दौरान दीपू अपने साथी के साथ मौके पर पहुंचा और लाला एवं वर्षा से उसका विवाद हो गया,कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ा कि दीपू ने अपने साथी के साथ मिलकर लाला और वर्षा पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, इस घटना में अधिक खून बह जाने के चलते लाला की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसकी पत्नी की इलाज के दौरान मौत हो गई।

पहले भी हो चुका है झगड़ा 

बताया जा रहा है कि इससे पहले भी लाला और दीपू का विवाद हुआ था पर गांव वालों की समझाइश के बाद दोनों ही व्यक्ति शांत हो गए थे, एक बार पुनः लाला जब अपने खेत में बाड़ी लगा रहा था तो दीपू को यह रास नहीं आया इसी के चलते दीपू ने लाला और उसकी पत्नी वर्षा से विवाद किया और बाद में फिर अपने साथी के साथ मिलकर हमला कर दिया, सूचना मिलने के बाद गोसलपुर थाना की पुलिस एफएसएल और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर हत्यारों की तलाश में जुट गए हैं।

तिलवाराघाट थाना अंतर्गत भी हुई थी किसान की हत्या

करीब डेढ़ सप्ताह पहले जबलपुर के तिलवारा घाट थाना अंतर्गत एक गांव में भी किसान की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी, हत्यारे किसान का सिर काट कर थोड़ी ही दूर ले गए और वहां जाकर जमीन में गाड़ दिया, इस घटना के आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं इसके बाद अब गोसलपुर में किसान हुई किसान की हत्या से इलाका सहम गया है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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