अवैध शराब की शिकायत करना पड़ा महंगा, डंपर से कुचलकर हत्या, आरोपी फरार

अवैध शराब की शिकायत करना पड़ा महंगा, डंपर से कुचलकर हत्या, आरोपी फरार

जबलपुर, संदीप कुमार।  जबलपुर (jabalpur) में एक युवक को अवैध शराब (illegal liquor) बेचने के लिए मना करना और पुलिस (police) में जाकर शिकायत करना इतना महंगा पड़ गया कि दबंगों ने पुलिस से शिकायत करने वाले युवक की डंपर से कुचलकर हत्या कर दी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए हैं जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

थाने से शिकायत कर घर लौट रहा था शिवम

लगातार क्षेत्र में बिक रही अवैध शराब के खिलाफ शिवम कुशवाहा तिलवारा घाट थाने शिकायत करने गया था और जब वह वापस घर लौट रहा था तब उसने भी यह नहीं सोचा था कि पुलिस में शिकायत करना उसे इतना महंगा पड़ जाएगा।  पन्द्रे परिवार के लोगों ने जैसे ही शिवम को देखा तो उस पर डंपर चढ़ा दिया जिससे घटनास्थल पर ही मौत हो गई।  मृतक शिवम के भाई ने बताया कि आरोपी अन्नी, राजेश, मिलन, सुनील यह सब लोग क्षेत्र में शराब पीकर हंगामा कर रहे थे इतना ही नहीं अवैध शराब और रेत कारोबार में भी यह सभी लिप्त रहते हैं।

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थाने से घर लौटते समय चढ़ा दिया डंपर 

तिलवारा थाने में एफआईआर दर्ज करवाने के बाद शिवम जब घर लौट रहा था तभी डीपीएस स्कूल मोड पर आरोपी अन्नी पन्द्रे डंपर क्रमांक MP 53 GA 1066 स्टार्ट कर खड़ा था उसकेसाथ में मिलन, सुनील, राजेश और उनके अन्य साथी लाठी और तलवार से लैस थे।  अपने साथ होने वाली घटना से अनभिज्ञ शिवम अपने साथियों के साथ जैसे ही डीपीएस स्कूल के पास पहुंचा तो अन्नी ने डंपर से उसे कट मार कर उसे गिरा दिया जब तक शिवम के साथी उसे सड़क से उठाते, उससे पहले अन्नी ने उस पर डंपर चढ़ा कर उसकी हत्या कर दी, फिलहाल घटना के बाद से सभी आरोपी मौके से फरार बताए जा रहे हैं जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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